Jodhpur News : राजस्थान के जोधपुर जिले के एक छोटे से गांव से की बेटी  शर्मिला चौधरी ने वह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है कि पूरे जिले ही नहीं देश में नाम रोशन किया है। राज्य सरकार के मंत्री तक बधाई दे रहे हैं।

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur News) जिले के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली शर्मिला चौधरी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की सामान्य भर्ती परीक्षा (CRE 2024) में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे राज्य को गर्व का अनुभव कराया है।

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जोधपुर जिल के छोटे से गांव केरू जन्मीं है शर्मिला…

संघर्ष की कहानी, सफलता की पहचान शर्मिला चौधरी, जो केरू गांव के शिव सारणों की ढाणी की निवासी हैं, ने बचपन से ही मेडिकल फील्ड में जाने का सपना देखा था। उनके पिता, दुर्गाराम सारण, भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जिन्होंने हमेशा अपनी बेटी को मेहनत और समर्पण का महत्व समझाया। साधारण परिवार से होने के बावजूद, शर्मिला ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया।

AIIMS CRE 2024 में शानदार प्रदर्शन 

AIIMS द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा का आयोजन 26 से 28 फरवरी 2024 के बीच किया गया था। पूरे भारत से हजारों उम्मीदवारों ने इसमें हिस्सा लिया, लेकिन शर्मिला ने 400 में से 270 अंक प्राप्त कर सभी को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी रैंक अच्छी आएगी, लेकिन पूरे देश में टॉप करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।

राज्य सरकार के मंत्री तक ने दी शर्मिला बधाई

 शर्मिला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके गांव और परिवार में जश्न का माहौल है। राज्य सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे राजस्थान के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

शर्मिला किसे दिया अपना सफलता का श्रेय

शर्मिला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा, "सपने बड़े देखो और उन्हें पाने के लिए दिन-रात मेहनत करो। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।" उनकी यह कहानी बताती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।