मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। युवाओं ने कहा कि अब बिना सिफारिश और बिना पैसे के मेहनत व योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिल रही है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम केवल सरकारी नौकरी देने का मंच नहीं रहा, बल्कि यह उन युवाओं के सपनों, संघर्ष और मेहनत के साकार होने का भावुक अवसर भी बन गया। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, आयुष विभाग और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।

अभ्यर्थियों ने कहा कि पहली बार उन्हें यह विश्वास हुआ है कि बिना किसी सिफारिश और बिना अनुचित साधनों के केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान कई चयनित उम्मीदवार भावुक नजर आए और उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

आईटीआई अनुदेशक भर्ती में चयनित अमित थापा ने साझा किया संघर्ष का सफर

गाजीपुर निवासी अमित थापा, जिन्हें आईटीआई अनुदेशक के पद पर नियुक्ति पत्र मिला, ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही तथा कहीं भी किसी प्रकार की सिफारिश या गलत माध्यम की जरूरत नहीं पड़ी।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की व्यवस्था ने युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत किया है। अब मेहनती युवाओं को यह विश्वास होने लगा है कि उनकी योग्यता के आधार पर उन्हें अवसर मिल सकता है।

निष्पक्ष सरकारी भर्ती से युवाओं को मिली नई उम्मीद

चंदौली की अर्चना मौर्य ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने हजारों युवाओं को नई उम्मीद दी है। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के मन में यह धारणा बन गई थी कि बिना प्रभाव और पैसे के सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल है, लेकिन अब योगी सरकार में यह सोच बदल रही है। युवाओं में अब मेहनत और योग्यता के प्रति विश्वास बढ़ा है।

आयुष विभाग में चयनित डॉ. नेहा स्वरूप ने जताया गर्व

रायबरेली की डॉ. नेहा स्वरूप का चयन आवासीय होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग में सेवा का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। वह ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करेंगी और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

यूनानी प्रोफेसर पद पर चयनित अभ्यर्थी ने सरकार की पहल को सराहा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रोफेसर (यूनानी) पद पर चयनित प्रो. कमरुल हसन लारी ने कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया से योग्य अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आयुष विभाग का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान देने का कार्य कर रही है। इससे इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में चयनित आरती ने जताया आत्मविश्वास

बलिया जिले की आरती का चयन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में नर्स के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समाज के जरूरतमंद और दिव्यांगजनों की सेवा करने का अवसर मिला है, जिसे वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगी।

युवाओं में खत्म हो रहा सरकारी भर्तियों को लेकर अविश्वास

कार्यक्रम में मौजूद कई अभ्यर्थियों के वक्तव्यों में एक समान भावना साफ दिखाई दी कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं के बीच भरोसा बढ़ाया है। अब योग्यता और मेहनत को ही चयन का मुख्य आधार माना जा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में निराशा और अविश्वास का माहौल था, लेकिन अब पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के कारण यह सोच धीरे-धीरे बदल रही है।