ग्रेटर नोएडा में लोगों के लिफ्ट में फंसे होने का मामला सामने आया। घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें लिफ्ट से बाहर निकाला जा सका। इस दौरान लिफ्ट के मेंटेनेंस को लेकर लापरवाही का आऱोप लगाया गया।

नोएडा: महीने में हजारों का मेंटेनेंस वसूलने के बाद भी सोसाइटी की लिफ्ट लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई जगहों से इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के अल्फा 2 इलाके की गोल्फ गार्डेनिया सोसायटी से सामने आया। यहां एक ही परिवार के 8 लोग लिफ्ट में फंस गए। घंटो तक लिफ्ट में फंसे रहने के बाद 2 बुजुर्ग, 2 बच्चे, 1 दंपती और 2 युवकों को बाहर निकाला जा सका। यह सभी लोग लिफ्ट के अंदर से मदद के लिए तकरीबन डेढ़ घंटे तक चिल्लाते रहें।

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घंटों की मशक्कत के बाद निकाला गया बाहर

जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल को रात साढ़े नौ बजे दुष्यंत प्रताप सिंह समेत परिवार के आठ लोग लिफ्ट के अंदर फंसे रहे। इन सभी लोगों को सवा 11 बजे दमकल विभाग की टीम के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। पीड़ित परिवार की ओर से बताया गया कि यह बहुत ही पैनिक वाली सिचुएशन थी। तकरीबन डेढ़ घंटे तक परिवार को इस तरह से संभालना कोई आसान काम नहीं था। परिवार ने बताया कि जिस तरह का मंजर उन लोगों ने देखा वैसा कोई और न देखे यह दुआ उनके द्वारा की जाएगी। परिवार ने बताया कि उन्हें कष्ट यह भी हुआ कि लिफ्ट में इतने लोगों के फंसे होने के बावजूद बाहर मौजूद कुछ लोग यह कह रहे थे कि लिफ्ट को मत काटो लिफ्ट खराब हो जाएगी। हमारी जान से ज्यादा लोगों को लिफ्ट की परवाह थी।

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पहले भी लिफ्ट में फंस चुके हैं लोग

आपको बता दें कि परिवार के लिफ्ट में फंसे होने के बाद किसी तरह से गार्ड को बुलाया गया। हालांकि उसके बाद भी कुछ नहीं हो सका। मामले को लेकर पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। जिसके बाद ही उन लोगों को बाहर निकाला जा सका। परिवार ने कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर लापरवाही देखने को मिली है। अगर लिफ्ट का मेंटेनेंस ठीक समय पर हो रहा होता तो इस तरह की घटना नहीं होती। लिफ्ट में फंसे कुछ लोगों को बीपी की भी समस्या थी। लेकिन उनके पास महज इंतजार के कोई अन्य विकल्प नहीं था। बताया गया कि कुछ दिन पहले भी दूसरे टावर की लिफ्ट से फोर्थ फ्लोर से थर्ड फ्लोर पर आ रहे बच्चे फंस गए थे। उस दौरान भी लिफ्ट बीच में ही अटक गई थी। जिसके बाद बच्चों को निकालने में 40 से 40 मिनट लग गए थे।

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