यूपी ATS, J&K और लखनऊ पुलिस ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों पर लखनऊ में छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका हुआ, जिसके बाद UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच जारी है।

लखनऊ. एक बड़े ऑपरेशन में, उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS), जम्मू-कश्मीर पुलिस और लखनऊ पुलिस ने सोमवार रात राजधानी में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। ये छापेमारी कथित तौर पर संदिग्ध आतंकी गतिविधियों और राज्यों के बीच चल रहे नेटवर्क से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जॉइंट टीमों ने खुर्रम नगर, इंदिरा नगर और महानगर समेत कई इलाकों में तलाशी ली। यह ऑपरेशन सोमवार देर शाम शुरू हुआ और कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह तक चला।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred


कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और कुछ जगहों से डिजिटल डिवाइस के साथ-साथ जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिले खुफिया इनपुट के बाद की गई, जिसमें लखनऊ से कुछ संदिग्ध बातचीत का पता चला था। इन इनपुट से पता चलता है कि कुछ स्थानीय लोगों का कश्मीर और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा एजेंसियों की नजर में चल रहे कुछ ऑपरेटिव्स से लिंक हो सकता है।


उत्तर प्रदेश ATS, जो कट्टरपंथी नेटवर्क और ऑनलाइन कम्युनिकेशन चैनलों पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है, ने संभावित संदिग्धों की पहचान के लिए J&K पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग के साथ मिलकर काम किया। सैयद अरीब अहमद, ACP अलीगंज, ने एक खास जगह पर छापेमारी की पुष्टि की, लेकिन जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया। हालांकि, ACP अहमद ने कहा, "अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। यह घर डॉक्टर परवेज अंसारी का है।" 

इस ऑपरेशन के बाद लखनऊ के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या हिरासत में लिए गए लोगों का उत्तरी भारत में सक्रिय आतंकी संगठनों या स्लीपर सेल से कोई सीधा संबंध है। आगे की जांच जारी है। सोमवार शाम को, मध्य दिल्ली में लाल किले के पास एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार में तेज धमाका हुआ। यह घटना शाम करीब 7 बजे सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर हुई। दिल्ली पुलिस ने कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। धमाके के कारण और मकसद का पता लगाने के लिए कई एजेंसियां जांच में शामिल हो गई हैं।