उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। 33 सालों में सिर्फ एक बार बीजेपी की जीत, क्या इस बार बदलेगा इतिहास? 

उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर आज सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस सीट पर सपा हमेशा बीजेपी को कड़ी टक्कर देती है। पीछले 33 साल में बीजेपी ने सिर्फ एक यहां से जीत दर्ज कर पाई है। इसलिए ये सीट इस बार बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती है। इस सीट पर मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

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मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर

उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट बीजेपी और समाजवादी पार्टी (SP) के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी के चंद्रभान पासवान और एसपी के अजीत प्रसाद के बीच है। अजीत प्रसाद पूर्व विधायक अवधेश प्रसाद के बेटे हैं, जो अब फैजाबाद से सांसद हैं। पिछले साल फैजाबाद लोकसभा सीट पर एसपी की जीत से बीजेपी को बड़ा झटका लगा था, क्योंकि यह चुनाव राम मंदिर बनने के तीन महीने बाद हुआ था। चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

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8 फरवरी को आएंगे नतीजे

मिल्कीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए हमेशा कठिन रही है। पिछले 33 साल में बीजेपी यहां सिर्फ एक बार जीती है। 2022 में समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने बीजेपी उम्मीदवार गोरखनाथ को हराया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट से अवधेश प्रसाद की जीत के बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी इसके चलते इस सीट पर उपचुनाव आज हो रहा है। इस उपचुनाव का नतीजा 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है। इसी बीच, एक दलित महिला की हत्या ने चुनावी माहौल और गरमा दिया है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और दोनों उम्मीदवार पासी समुदाय से आते हैं, जिसकी यहां अच्छी खासी संख्या है।