उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 9 महीने की प्रेग्नेंट महिला ने अपनी 5 साल की बेटी को फांसी लगाने के बाद जान दे दी। 

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक मामला सामने आया है, जहां बिजनौर की एक महिला ने अपनी बेटी को मौत के घाट उतारने के बाद अपनी जान दे दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिजनौर जिले के गजरौला शिव गांव में पति से अनबन के बाद गर्भवती महिला ने बेटी को फांसी लगाकर मार डाला और इसके बाद अपनी भी जान दे दी। पुलिस घटना की जांच में जुटी है और हत्या-आत्महत्या के पीछे के कारणों को समझने का प्रयास कर रही है।

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नौ महीने की गर्भवती ने दी जान

शनिवार के गांव के निवासी अश्वनी राजपूत अपनी मां के साथ बैंक पैसा निकालने गए थे। उनकी पत्नी और बेटी घर पर ही थी। आरोप है कि पति से अनबन के कारण निधि ने अपनू बेची को फांसी से लटका दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसने खुद भी दुप्ट्टे से लटक कर अपनी जान दे दी। काम खत्म करने के बाद पति जब घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। थोड़ी देर बाद वह छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। घर के अंदर का नजारा देख अश्वनी के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी और पत्नी को फंदे पर लटका देख वह भौंचक्का रह गया।

आनन-फानन में परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया जहां उसने बेटी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मना करने पर महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गया, वहां डॉक्टर ने निधि को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

एएसपी सिटी ने कही ये बात

एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि महिला मनोरोगी थी। एक साल पहले तक रुड़की के चिकित्सक से उसका इलाज चला था। गर्भवती होने से पहले तक मनोरोग चिकित्सक से उसका इलाज कराया गया। पति-पत्नी में अनबन के कारण घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है। हालांकि अभी तक ठोस वजह सामने नहीं आई है।इस हृदयविदारक घटना ने समाज में घरेलू विवाद और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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