UP Crop Damage Rain: उत्तर प्रदेश में असमय बारिश से फसलों को नुकसान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत सर्वे और किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। किसान 14447 हेल्पलाइन, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप और व्हाट्सएप के जरिए फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई असमय बारिश ने कई जिलों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की खबरों के बीच राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री योगी ने हालात की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसानों का हित सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में जहां भी बारिश की वजह से फसल को नुकसान हुआ है, वहां तुरंत सर्वे कराकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को समय पर सहायता दी जाए।
संयुक्त सर्वे से होगा नुकसान का आकलन
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे मिलकर फसल नुकसान का संयुक्त सर्वे करें। इस सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन इलाकों में कितनी फसल प्रभावित हुई है। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी ताकि मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
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जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे खुद फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें। प्रभावित गांवों और खेतों का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आंकलन कराया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को बिना किसी देरी के राहत मिले और उन्हें अनावश्यक सरकारी प्रक्रियाओं में न उलझना पड़े।
अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें। किसी भी किसान को अपनी समस्या बताने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख सचिव और राहत आयुक्त को भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को भी निर्देशित किया है कि वे फील्ड स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। सभी जिलों से जानकारी समय पर एकत्र की जाए ताकि राहत और मुआवजे की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
आकलन होते ही शुरू होगा मुआवजा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही फसल नुकसान का आकलन पूरा होगा, प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि भुगतान व्यवस्था समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत पाने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
किसान 14447 नंबर पर दे सकते हैं फसल नुकसान की सूचना
राज्य सरकार ने किसानों के लिए फसल नुकसान की जानकारी देने के कई आसान माध्यम भी उपलब्ध कराए हैं। किसान टोल-फ्री नंबर 14447 (KRPH) पर कॉल करके तुरंत फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप से भी दे सकते हैं जानकारी
सरकार ने डिजिटल माध्यमों के जरिए भी किसानों के लिए प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश की है।
- Crop Insurance App के जरिए किसान फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं
- व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 पर भी जानकारी साझा की जा सकती है
- किसान आधिकारिक जानकारी के लिए फसल बीमा पोर्टल pmfby.gov.in पर भी लॉग-इन कर सकते हैं
समस्या होने पर इन अधिकारियों से करें संपर्क
अगर किसी किसान को बीमा या मुआवजे से जुड़ी समस्या आती है, तो वह अपने जिले के उप कृषि निदेशक या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा संबंधित जिले में काम कर रही बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से भी सीधे संपर्क करके मदद ली जा सकती है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यही है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर राहत मिल सके और बीमा से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान बन सकें। असमय बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और आने वाले दिनों में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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