Varanasi Monsoon Flood: वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर, नमो घाट डूबा, 5-6 अगस्त को सभी स्कूल बंद, नाव संचालन पर रोक, योगी सरकार ने 11 मंत्रियों की टीम भेजी राहत कार्यों के लिए, हालात पर 24x7 नजर।

Varanasi Flood News : सावन की बारिश जहां देशभर में राहत और हरियाली लेकर आती है, वहीं वाराणसी में इस बार यही बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने नमो घाट समेत कई घाटों को अपनी चपेट में ले लिया है। घाटों के किनारे बसे इलाकों में पानी भर चुका है और शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 5 और 6 अगस्त को वाराणसी जिले के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

गंगा के बढ़ते जलस्तर से चिंता, नाव संचालन पर लगी रोक

वाराणसी के नमो घाट से सामने आई तस्वीरों में गंगा का पानी खतरे के निशान के पास तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने गंगा नदी में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। कई इलाकों में लोग घुटनों तक भरे पानी में चलते हुए नजर आ रहे हैं। जलभराव ने शहर की यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।

यह भी पढ़ें: Lucknow में Navy Officer की पत्नी की रहस्यमयी मौत! Murder या Suicide?

स्कूल बंद रखने का आदेश, DM के निर्देश पर लिया गया फैसला

जिला विद्यालय निरीक्षक ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि, "बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी के निर्देशानुसार वाराणसी जिले के सभी बोर्डों (बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, CBSE, ICSE व संस्कृत बोर्ड) के प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल 5 और 6 अगस्त को बंद रहेंगे।" सभी प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मंत्री सुरेश खन्ना ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा

उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैंने बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में मिल रही है। यह एक प्राकृतिक आपदा है, जिसमें सभी को मिलकर सहयोग करना चाहिए।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश, 24x7 निगरानी का आदेश

बाढ़ संकट को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में तुरंत पहुंचने, राहत शिविरों का निरीक्षण करने और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने 12 बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए 11 सदस्यीय मंत्रीमंडलीय टीम की तैनाती की है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने संवेदनशीलता, गति और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अफवाहों और झूठी जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि जनविश्वास बना रहे और संचार व्यवस्था सुदृढ़ रहे।

IMD की चेतावनी: 6 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 3 से 6 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन और ज्यादा सतर्क हो गया है.

यह भी पढ़ें: UP में इंसानियत शर्मसार: चलती एंबुलेंस से शव को फेंका, 100 मीटर तक घिसटता रहा! वीडियो वायरल