बेंगलुरु में बढ़ते खर्चों पर एक स्टार्टअप मेंटर ने चिंता जताई। दूध, डीजल, मेट्रो के दाम बढ़े, पर सैलरी नहीं!

बेंगलुरु एक तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। उसी तरह, घर के किराए सहित सब कुछ बहुत महंगा होता जा रहा है। ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं कि यहां बिना ज्यादा पैसे के जीवन जीना मुश्किल है। यह सिर्फ बेंगलुरु की स्थिति नहीं है। बॉम्बे, दिल्ली सहित भारत और दुनिया के कई प्रमुख शहरों में यही स्थिति है। 

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इसी तरह, बेंगलुरु के एक स्टार्टअप मेंटर द्वारा साझा किया गया एक पोस्ट अब लिंक्डइन पर वायरल हो रहा है। हरीश एनए अपनी पोस्ट में बताते हैं कि कैसे मुश्किल से कमाया गया पैसा यहां खर्च हो जाता है। 

हरीश ने दूध और डीजल की बढ़ती कीमतों के बारे में बताते हुए पोस्ट शेयर किया है। सबसे पहले दूध की कीमत बढ़ने की बात की जा रही है। नंदिनी मिल्क की कीमत 7 मार्च 2025 को 4 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 47 रुपये हो गई। कहा जा रहा है कि पैकेजिंग 1,050 मिली से घटाकर 1 लीटर कर दी गई है। 

इसी तरह, पोस्ट में कहा गया है कि डीजल की कीमत भी बढ़कर 91.02 हो गई है। 9 फरवरी 2025 को नम्मा मेट्रो के रेट भी बढ़ गए। पोस्ट में कहा गया है कि यह भारत की सबसे महंगी मेट्रो बन गई है, जिसमें अधिकतम चार्ज 60 से बढ़कर 90 हो गया है। 

इसके अलावा, पोस्ट में सर्विस चार्ज और बढ़ते किराए के बारे में भी बात की गई है। हरीश का कहना है कि इन सबके बढ़ने के बावजूद सैलरी में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। हरीश यह भी पूछते हैं कि क्या ऐसा सिर्फ यहीं है या दुनिया में हर जगह ऐसा ही है। कई लोगों ने राय दी है कि बेंगलुरु में यही स्थिति है। इसी तरह, कई लोगों ने राय दी है कि यही स्थिति कई अन्य शहरों में भी है।