एक चर्चित कंपनी के सह-संस्थापक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बताया कि उन्होंने नौकरी के लिए एक बंदे का चयन किया और जिस दिन उसे ज्वाइन करना था, उस दिन उसने बताया कि वह नौकरी ज्वाइन कर पाएगा, क्योंकि उसे दूसरा बेहतर ऑफर मिल गया है। 

ट्रेंडिंग डेस्क। ट्रेवेल और टिकट बुकिंग कंपनी EaseMyTrip के सह-संस्थापक प्रशांत पिट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी परेशानी का जिक्र किया और यूजर्स से सलाह मांगी है। उन्होंने बताया कि कैसे एक उम्मीदवार ने ज्वाइनिंग के दिन ही काम छोड़ने का फैसला किया। निराश सीईओ ने कहा कि ऐसे अंतिम समय में जॉब छोड़ने वालों को बिल्कुल भी प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कई यूजर्स ने प्रशांत की बात का समर्थन नहीं किया और कहां बहुत से कंपनी में कर्मचारियों को जब बिना बताए ऐन मौके पर निकाल दिया जाता है, तब उनकी क्या राय होती है। वैसे इस पोस्ट पर तर्क-वितर्क और कुतर्क सब अभी भी जारी है। 

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हाथ में नौकरी का ऑफर लेटर होने के बाद भी कर्मचारी बेहतर नौकरी के लिए अवसर लगातार तलाशते रहते हैं। प्रशांत पिट ने सोशल मीडिया की मदद लेते हुए लोगों को बताया कि उनका एक उम्मीदवार, जिसने उसी दिन नौकरी छोड़ने का फैसला किया, जिस दिन उसे नौकरी ज्वाइन करनी थी। नौकरी छोड़ने की जानकारी उम्मीदवार ने ट्विटर पर मैसेज करके दी। प्रशांत ने ट्विटर पर उस उम्मीदवार के साथ हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। 

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इसमें उम्मीदवार ने पहले मैसेज किया कि आज उसे प्रशांत की कंपनी EaseMyTrip में ज्वाइन करना था, मगर भारी मन से वह नौकरी छोड़ने का फैसला ले रहा है, क्योंकि उसे दूसरी जगह बेहतर ऑफर मिल गया है। अंतिम मिनट में मिले इस मैसेज से प्रशांत काफी निराश हुए और उन्होंने उस उम्मीदवार से सवाल किया, क्या तुम मुझसे मजाक कर रहे हो। इस उस दिन बता रहे हो, जिस दिन तुम्हें नौकरी ज्वाइन करनी है। 

यूजर्स ने रिएक्शन में कहा- नियोक्ता भी कर्मचारियों के साथ ऐसा करते हैं 
प्रशांत ने पोस्ट के कैप्शन में आगे लिखा, कोई कृपया इस मुद्दे को हल करे। यह बेहद आम और प्रचलित होता जा रहा है। इससे समय और संसाधन दोनों बर्बाद होते हैं। एक बार एक उम्मीदवार प्रसतव को स्वीकार कर लेता है। कंपनियों को महीनों उसकी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। तब बाकि उम्मीदवारों को मना कर दिया जाता है, लेकिन ऐन वक्त पर चयनित उम्मीदवार फैसला सुनाता है कि वह नौकरी ज्वाइन नहीं करेगा। इस पर यूजर्स ने रिएक्शन देने में देरी नहीं की। ज्यादातर ने प्रशांत की बात का विरोध करते हुए लिखा, जब नियोक्ता अपने कर्मचारियों को तुरंत नौकरी से निकालने का फैसला लेते तब कर्मचारी को क्या करना चाहिए। नियोक्ता कर्मचारियों को तब निकाल देते हैं, जब उनकी आवश्यकता नहीं होती, मगर कर्मचारी को नौकरी की जरूरत होती है। ऐसे में कर्मचारी भी नियोक्ता के साथ ऐसा कर सकते हैं। 

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