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Anil Menon:पांचवीं बार अप्लाई करने पर हुआ NASA Moon Mission में सलेक्शन, भारत में पोलियो पर स्टडी की

Anil Menon in NASA Moon Mission: हार्वर्ड में पढ़ाई के दौरान अनिल मेनन ने एक बीमारी पर स्टडी किया। इसके लिए Rotary Ambassador Scholarship के लिए एक साल तक भारत में रहे। उन्होंने अन्ना मेनन से शादी (Anil Menon Wife) की है, जो स्पेसएक्स में काम करती हैं। उनके दो बच्चे हैं।
 

Who is Anil Menon astronaut of Indian origin in NASA Moon Mission kpn
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New Delhi, First Published Dec 8, 2021, 1:45 PM IST
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नई दिल्ली. NASA ने मून मिशन (Moon Mission) के लिए 10 ट्रेनी एस्ट्रोनॉट (Astronauts) का चयन किया है, इसमें भारतीय मूल (Indian Origin) के अनिल मेनन (Anil Menon) भी हैं। अगर अनिल मेनन सफल होते हैं तो ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय होंगे। वहीं अंतरिक्ष यात्रा (Space Travel) की बात करें तो अब तक 4 भारतीय जा चुके हैं। सबसे पहले राकेश शर्मा (Rakesh Sharma) गए। उनके अलावा भारतीय मूल की कल्पना चावला (Kalpana Chawla), सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और राजा चारी (Raja Chari) अंतरिक्ष गए। अब उम्मीद अनिल मेनन से है। वे चंद्रमा पर जाने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति होंगे। कौन हैं अनिल मेनन-कहां पर जन्म हुआ है....?

2021 से एस्ट्रोनॉट्स क्लास का हिस्सा हैं
अनिल मेनन 2021 से एस्ट्रोनॉट्स क्लास का हिस्सा हैं, जिसे नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने पेश किया था। 4 साल में इस तरह की यह पहली क्लास है। ये उम्मीदवार दो साल की ट्रेनिंग लेने के लिए जनवरी 2022 में ड्यूटी ज्वॉइन करेंगे। ट्रेनिंग को पांच भागों में बांटा गया है। क्लास में चुने गे 10 लोगों में 6 पुरुष और 4 महिलाएं हैं। मेनन के अलावा चयनित उम्मीदवारों में निकोल एयर्स (32), मार्कोस बेरियोस (37), क्रिस्टीना बर्च (35), डेनिज बर्नहैम (36), ल्यूक डेलाने (42), आंद्रे डगलस (35), जैक हैथवे (39), क्रिस्टोफर विलियम्स शामिल हैं। (38) और जेसिका विटनर (38) हैं। नासा 50 साल बाद चांद पर इंसान भेजने के लिए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

अनिल मेनन कौन हैं-कहां जन्म हुआ?
अनिल मेनन का जन्म और पालन पोषण मिनियापोलिस के मिनेसोटा में हुआ था। ये अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल भी हैं। स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन थे। डॉक्टर अनिल मेनन एक एमरजेंसी फिजिशियन हैं। उन्होंने वाइल्डनेस एंड एयरोस्पेस मेडिसिन में फेलोशिप ट्रेनिंग ली है। अनिल मेनन 2010 के हैती भूकंप, 2011 रेनो एयर शो एक्सीडेंट और 2015 नेपाल भूकंप के दौरान भी काम किया। अमेरिकी वायु सेना के पायलट के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फ्लाइट सर्जन और 173 वें फाइटर विंग के रूप में 45 वें स्पेस विंग का सपोर्ट किया। मेनन ने F-15 फाइटर जेट में 100 उड़ानें भरीं और क्रिटिकल केयर एयर ट्रांसपोर्ट टीम के हिस्से के रूप में 100 से अधिक रोगियों को ले जाया गया।

हैती भूकंप, नेपाल भूकंप के फर्स्ट रिस्पॉन्डर हैं मेनन 
यूक्रेनी-भारतीय प्रवासी के घर जन्मे अनिल मेनन अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। नासा प्रोफाइल के मुताबिक, हैती में 2010 में आए भूकंप, नेपाल में 2015 में आए भूकंप और 2011 के रेनो एयर शो दुर्घटना के दौरान मेनन फर्स्ट रिस्पॉन्डर थे। यानी वे इन जगहों पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। अनिल ने 1999 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से न्यूरोबायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है। 2004 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। 2009 में स्टैनफोर्ड मेडिकल स्कूल से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन के साथ स्नातक किया।

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