यूपी के जिले हाथरस के डीएम ने राहगीर दंपति की मदद की और सही समय पर इलाज करवाकर महिला की जान बचाई। जिसके बाद से उनकी चारों ओर प्रशंसा हो रही है। डीएम और एसपी रात को भ्रमण के लिए निकले थे, तभी उनको सड़क किनारे परेशान पति-पत्नी मिले थे।

हाथरस: उत्तर प्रदेश के जिले हाथरस से इस घटना से हर कोई आकर्षित हो रहा है क्योंकि शहर के डीएम साहब ने ऐसा काम जो किया जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है। शहर के जिलाधिकारी रमेश रंजन और पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार का मानवीय चेहरा देखने को मिला है। डीएम साहब एक दंपति के लिए उस समय मसीहा बनकर सामने आए जब वह पूरी तरह से हताश हो चुके थे। सड़क किनारे एक दंपति बीमारी से तड़प रहा था पर किसी कारणवश अस्पताल जाने में असमर्थ थे। इसके बाद डीएम रमेश रंजन ने अपनी सरकारी गाड़ी से बीमार दंपति को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सरकारी गाड़ी से डीएम ने महिला को पहुंचाया अस्पताल
यह मामला बुधवार की देर रात का है, जब डीएम एसपी के साथ भ्रमण पर निकले थे। तभी शहर के मथुरा रोड पर कलेक्ट्रेट के पास सड़क किनारे एक बाइस के पास खड़े पति-पत्नी कुछ परेशान दिखाई दिए। डीएण ने अपनी गाड़ी रुकवाई और कार से बाहर आकर उनसे उनकी परेशानी का कारण पूछा। तब जाकर उनको पता चला कि महिला की तबीयत बहुत खराब है और बाइक पर ले जाना संभव नहीं है। जिस पर जिलाधिकारी रमेश रंजन और पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडेय ने तत्काल सरकारी गाड़ी से बीमार महिला को उसके पति के साथ जिला अस्पताल में भिजवाया। 

बाइक से हाथरस से मथुरा जा रहे थे पति-पत्नी
डीएम ने बीमार महिला के अस्पताल पुहंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग को बेहतर उपचार का निर्देश भी दिया। फिलहाल जिला अस्पताल के डॉक्टरों की देख रेख में बीमार महिला का उपचार किया जार रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि पति का नाम जोगेंद्र सिंह और पत्नी का नाम पिंकी है। दोनों रामनगर यमुनानगर मथुरा के रहने वाले है। दोनों हाथरस से मथुरा वापस जा रहे थे लेकिन रास्ते में महिला की तबीयत खराब हो गई। वहां से गुजर रहे डीएम की नजर पड़ते ही उन्होंने उनकी मदद की। जिसके बाद से डीएम और एसपी के द्वारा किए गए इस कार्य से लोग प्रशंसा कर रहे है।

मेरठ में सिर काटकर चौराहे पर फेंका बेटी का शव, जानिए पिता ने क्यों दी ऐसी दर्दनाक मौत