गाजियाबाद में सीओ पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों को बचाने का आरोप लगा है। मामले को लेकर पीड़िता ने एसएसपी से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता का कहना है कि विवेचना को लेकर भी उनके साथ जानकारी साझा नहीं की जाती है। 

गाजियाबाद: महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इसके बावजूद भी पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली लगातार कटघरे में हैं। ताजा मामला गाजियाबाद से सामने आया। यहां कविनगर के एसएचओ व दो दारोगा के निलंबन के बाद तीसरे मामले में सीओ कविनगर अवनीश कुमार के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। हालांकि खुद पर लगाए गए आरोपों को सीओ की ओर से निराधार बताया गया है। 

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सीओ पर लगा अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप 
आपको बता दें कि 19 मई को दलित किशोरी को कार में अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के पिता के द्वारा आरोप लगाया गया था। पिता का कहना था कि मामले में विवेचक सीओ अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से मुलाकात कर सीओ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी मांग की। मामले में तकरीबन दो सप्ताह पहले मुकुल नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। हालांकि दो आरोपित अभी भी फरार हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपित परिवार के साथ में फरार है और रिश्तेदार व पुलिस उन पर समझौते के लिए दवाब बना रहे हैं। मामले में बारे में पूछने पर विवेचक उन्हें कोई जवाब नहीं देते और विवेचना के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। 

मुख्य आरोपित हो चुका है गिरफ्तार 
मामले में पीड़िता स्वंय नामाजद आरोपितों के खिलाफ बयान दे चुकी हैं लेकिन पुलिस आरोपितों को बचाने के प्रयास में जुटी हुई है। लिहाजा उनके साथ ही पूरे परिवार को खतरा बना हुा है। वहीं इस मामले में शिकायत को लेकर सीओ अवनीश कुमार ने बताया कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। मुख्य आरोपित को जेल भेजा जा चुका है, इसी के साथ अन्य दोनों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। 

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