राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चार जून को गोरखपुर आएंगे। वह गीता प्रेस के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम 14 अप्रैल से शुरू है और राष्ट्रपति इसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए आ रहे हैं। 

रजत भट्ट
गोरखपुर:
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चार जून को गोरखपुर आएंगे। दुनिया में श्रीमद्भगवद्गीता का प्रसार करने वाला गोरखपुर का गीता प्रेस इस समय अपने शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहा है। यह समारोह 14 अप्रैल से शुरू है। इसी समारोह का हिस्सा बनने गोरखपुर आ रहे हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शाम पांच बजे आयोजित संगोष्ठी का बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा बनेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वही इस कार्यक्रम में उनके स्वागत के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उनके स्वागत के लिए मौजूद रहेंगे

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प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लिया
जैसे ही 4 जून को राष्ट्रपति के आने की सूचना मिली वैसे ही डीएम संघ सारे प्रशासनिक अधिकारी गीता प्रेस पहुंचकर व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लिया। आपको बता दें डीएम विजय किरन आनंद खुद वहां गये और उनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीम भी मौजूद रहे उन लोगों ने राष्ट्रपति के आने की अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं डीएम ने कहा कि लोक निर्माण के अधिकारी यहां आएंगे। जायजा लेने के बाद बताएंगे कि कितने लोगों की बैठने की व्यवस्था की जाएगी और कितनी कुर्सियां लगवाई जाए।

शताब्दी वर्ष समारोह 14 अप्रैल से हो चुका शुरू
गोरखपुर गीता प्रेस के मैनेजर लालमणि तिवारी ने बताया शताब्दी समारोह की शुरुआत 14 अप्रैल से पूजन अर्चन के साथ हो चुका है। राष्ट्रपति के उपस्थिति में गोष्टी पहला बड़ा कार्यक्रम होगा। हालांकि गोष्टी का कोई विषय नहीं रखा गया है। राष्ट्रपति सबसे पहले लीला चित्र मंदिर का दर्शन करेंगे फिर स्वेच्छा से अपना उद्बोधन देंगे।

राष्ट्रपति विशिष्ट रामचरितमानस और तत्व विवेचनी का लोकार्पण करें
3 दिसंबर को गीता जयंती वह 3 मई 2023 को समापन अवसर पर बड़ा कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा और गीता जयंती पर भी कथा आयोजित किया जाएगा। लेकिन कथा और कथा व्यास अभी तय नहीं हुआ है। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार आर्ट पेपर पर प्रकाशित विशिष्ट रामचरितमानस व गीताप्रेस के संस्थापक सेठजी जयदयाल गोयदका द्वारा लिखी गीता पर टीका तत्व विवेचनी के परिवर्धित संस्करण का लोकार्पण करेंगे। श्रीरामचरितमानस 305 रंगीन चित्रों के साथ प्रकाशित किया गया है।

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