कटी पतंग की तरह फड़फड़ाते हुए तालाब में जा गिरा घायल कबूतर, उसे देख एक बच्ची चीखी, 'पापा उसे बचा लो'

भावुक करने वाली यह घटना वडोदरा की है। यहां मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के बीच एक कबूतर डोर की चपेट में आकर घायल हो गया। गनीमत रही कि वहां मौजूद एक बच्ची की नजर उस पर पड़ी गई।

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वडोदरा, गुजरात. मकर संक्रांति पर पतंगबाजी परंपराओं का हिस्सा है। लेकिन अगर यह परंपरा किसी पक्षी के लिए जानलेवा बन जाए, तो दुर्भाग्यपूर्ण है। पतंग उड़ाइए, लेकिन सावधानी से। दूसरा चाइनीज मांझे से तौबा कर लीजिए। यह मामला वडोदरा के सुरसागर तालाब का है। यहां पतंगबाजी की जा रही थी। इसी बीच एक कबूतर मांझे की चपेट में आ गया। घायल कबूतर किसी कटी पतंग की तरह फड़फड़ाता हुआ तालाब में जा गिरा। इस दौरान वहां दांडिया बाजार के रहने वाले सतीश भाई कहार अपनी बेटी के साथ मौजूद थे। बच्ची की नजर जैसे ही तालाब में गिरते कबूतर पर पड़ी, वो चीख पड़ी-'पापा उसे बचा लो!' सतीश भाई ने भी बिलंब नहीं किया और कबूतर के लिए फौरन तालाब में कूद पड़े। कबूतर को निकालकर उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया। अगर थोड़ी-सी भी देरी हो जाती, तो शायद कबूतर को बचा पाना मुश्किल हो जाता।

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