Sergio Gor Appointment Latest News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सर्जियो गोर को भारत में नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है। गोर, ट्रम्प के लंबे समय से करीबी सहयोगी हैं, दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की भूमिका भी निभाएंगे।

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भारत में अमेरिकी राजदूत
1792 में राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने बेंजामिन जॉय को कोलकाता का पहला अमेरिकी वाणिज्यदूत बनाया, लेकिन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने मान्यता नहीं दी।

Sergio Gor US Ambassador India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में जन्मे और व्हाइट हाउस के पर्सनल डायरेक्टर सर्जियो गोर को भारत में नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने का ऐलान किया। अगर सीनेट इस नियुक्ति को मंजूरी देती है, तो गोर को साथ ही दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों का विशेष दूत (Special Envoy) भी बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे अहम देश आते हैं, जहां वर्तमान में अमेरिका के पास स्थायी राजदूत नहीं हैं और दूतावास अस्थायी चार्ज (Charge d’Affaires) द्वारा चलाए जा रहे हैं।

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गोर पर मुझे पूरा भरोसा है- ट्रंप

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- 'दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले क्षेत्र में मुझे ऐसा व्यक्ति चाहिए, जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं और जो मेरी नीतियों को सख्ती से लागू करे। सर्जियो गोर इस जिम्मेदारी को शानदार ढंग से निभाएंगे। वह मेरे बेहद करीबी दोस्त हैं और कई सालों से मेरे साथ खड़े रहे हैं। 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' एजेंडा को आगे बढ़ाने में उनकी बड़ी भूमिका होगी।'

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सबसे कम उम्र के अमेरिकी राजदूत होंगे गोर

39 साल के सर्जियो गोर भारत में अब तक नियुक्त हुए सबसे युवा अमेरिकी राजदूत होंगे। वे एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे, जो बाइडेन प्रशासन में नियुक्त हुए थे और जनवरी 2025 के बाद अपने गृह राज्य कैलिफोर्निया लौट गए। गोर को व्हाइट हाउस का लो-प्रोफाइल लेकिन बेहद प्रभावशाली इनसाइडर माना जाता है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने रिकॉर्ड समय में फेडरल गवर्नमेंट के अलग-अलग विभागों में करीब 4,000 'अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स' को नियुक्त किया।

ट्रंप के साथ लंबा जुड़ाव

ट्रंप ने गोर की तारीफ करते हुए लिखा- 'उन्होंने मेरे ऐतिहासिक राष्ट्रपति अभियानों पर काम किया। मेरी बेस्टसेलिंग किताबें पब्लिश कीं। हमारे आंदोलन को सपोर्ट करने वाले सबसे बड़े सुपर PAC का मैनेजमेंट किया। राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के तौर पर उनकी भूमिका बेहद अहम रही।'

सर्जियो गोर का भारत से कोई सीधा नाता नहीं

दिलचस्प बात यह है कि गोर का भारत से अब तक कोई सीधा जुड़ाव या पेशेवर अनुभव नहीं रहा है। उनका असली नाम गोरखोव्स्की (Gorokhovsky) है। करीब 12 साल की उम्र में 1999 में वे अमेरिका आए थे। अमेरिका आने के बाद गोर परिवार लॉस एंजेलिस में बस गया, जहां सर्जियो ने पढ़ाई की और बाद में जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा ली। उनके पिता यूरी गोरखोव्स्की, सोवियत सैन्य विमानों (जैसे IL-76) के डिजाइनर और एविएशन इंजीनियर और मां इजरायली मूल की हैं।

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सर्जियो गोर का राजनीति में सफर

सर्जियो गोर शुरू से ही अमेरिकी कंज़र्वेटिव राजनीति से जुड़े रहे। सांसद स्टीव किंग और मिशेल बाखमैन के प्रवक्ता रहे। बाद में सिनेटर रैंड पॉल के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ बने। 2020 के चुनाव में ट्रंप कैंप से जुड़े और तेजी से उभरे। ट्रंप की जीत के बाद व्हाइट हाउस में 'प्रेसिडेंशियल पर्सनल डायरेक्टर' बने। आज वे ट्रंप के सबसे करीबी भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं और कई साल तक उनके फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) एस्टेट के पास ही रहे।

सर्जियो गोर की भारत में नियुक्ति क्यों अहम है?

  • भारत-अमेरिका रिश्तों का नया दौर शुरू हो सकता है।
  • पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे देशों पर भी अमेरिकी कूटनीति सीधे गोर के जिम्मे होगी।
  • ट्रंप की सख्त नीतियों और 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडा को एशिया में लागू करने की दिशा मिलेगी।
  • भारत-अमेरिका व्यापार और रणनीतिक संबंधों पर गोर का रवैया अहम होगा।