डूम्स डे क्लॉक विश्व की आने वाली त्रासदियों की ओर इशारा करती है। अब डूम्सडे क्लॉक ने 2024 में फिर चेतावनी जारी कर दी है। ऐसे में दुनिया पर फिर कोई संकट आने की स्थिति बन सकती है।

वर्ल्ड न्यूज। क्या धरती पर फिर कोई बड़ा संकट आने वाला है? क्या विश्व को फिर किसी बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है? इस बारे में फिलहाल कुछ निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है लेकिन डूम्सडे क्लॉक ने विश्व में बड़े संकट की ओर इशारा किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या है डूम्सडे क्लॉक
डूम्सडे क्लॉक एक प्रतीकात्मक घड़ी होती है। इस घड़ी की चाल के मुताबिक वैज्ञानिक अपनी रिसर्च को ध्यान में रखते हुए चेतावनी जारी करते हैं। इस क्लॉक की सुइयों के जरिए ये दिखाने का कोशिश की जाती है कि विश्व किसी बड़े संभावित संकट के कितना करीब है। इस घड़ी का संचालन बुलेटिन ऑफ एटोमिक साइंटिस्ट संस्थान के साइंटिस्ट करते हैं।

पढ़ें धीरे-धीरे बढ़ रही हिमालय पर्वत की ऊंचाई, क्षेत्र में भूकंप का भी खतरा, ये है कारण

घड़ी में 12 बजना बड़े संकट की चेतावनी
डूम्सडे क्लॉक में 12 बजने के स्थिति हमेशी धरती पर किसी बड़े संकट की ओर इशारा करती है। इस संस्थान से जुड़े 15 साइंटिस्ट नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हैं। ये सभी मिलकर तय करते हैं कि घड़ी की सुई को कहां रखना है।

12 बजने में 90 सेकेंड दूर है घड़ी का कांटा
2024 में वैज्ञैनिकों ने रात 12 बजने में 90 सेकेंड दूर रखा है। संकट के प्रतीक 12 बजे के समय के इतने पास ये सुई पहले कभी नहीं रही थी। ऐसे में यह किसी बड़े संभावित संकट को भी दिखा रही है।

डूम्सडे क्लॉक ने संकट के तीन कारण बताए
डूम्सडे क्लॉक के सालाना रिपोर्ट के मुताबिक संकट के तीन कारण हो सकते हैं। पहला जलवायु बदलाव का संकट बढ़ रहा है। जलवायु में बदलाव को कंट्रोल के प्रयास कमजोर पड़े हैं। दूसरा कारण ये है कि परमाणु हथियारों के नियंत्रित करने के समझौते कमजोर पड़ने से युद्ध का खतरा बढ़ा। तीसरी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनेटिक इंजीनियरिंग का दुरुपयोग बढ़ा है।