पत्नी को बिना बताए बैंकॉक घूमकर वापस आए पति ने एक प्लान बनाया। अपनी ट्रिप की खबर पत्नी को बिल्कुल नहीं लगनी चाहिए, इस बात का उसने पूरा ध्यान रखा। लेकिन पति की एक गलती से अब ये बात न सिर्फ़ पत्नी को, बल्कि पूरे भारत को पता चल गई।

पुणे. ऑफिस के काम से मुंबई जाना है, हेड ऑफिस जाना है, ऐसे कई बहाने बनाकर पति बैग पैक करके घर से निकल गया। वो सीधा बैंकॉक घूमने चला गया। 51 साल का ये शख्स अपनी पत्नी को बिना बताए किसी और के साथ बैंकॉक घूमने गया। एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बैंकॉक के खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट्स और होटलों में समय बिताने के बाद वह मुंबई लौट आया। लेकिन उसने सोचा कि उसकी बैंकॉक ट्रिप की खबर उसकी पत्नी को बिल्कुल नहीं लगनी चाहिए। इसलिए उसने बहुत चालाकी दिखाई। उसने पूरी कोशिश की कि कैसे भी करके उसकी बैंकॉक ट्रिप का पता न चले। लेकिन उसकी ज़्यादा चालाकी के चक्कर में अब ये बात न सिर्फ़ उसकी पत्नी को, बल्कि उसके परिवार और पूरे देश को पता चल गई है।

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बैंकॉक में मिली एक लड़की
पुणे के रहने वाले 51 साल के वीके भालेराव अपनी पत्नी को बिना बताए बैंकॉक घूमने गए। उन्होंने 7 दिन से ज्यादा समय बैंकॉक में बिताया। सूत्रों के मुताबिक, भालेराव के साथ बैंकॉक में एक लड़की भी थी। 

मुंबई एयरपोर्ट पर लगा झटका
बैंकॉक से सीधा मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे वीके भालेराव को कस्टम अधिकारियों ने पकड़ लिया। इसकी वजह थी उनका पासपोर्ट। वीके भालेराव का पासपोर्ट और वीजा सब कुछ सही था। लेकिन वीके भालेराव नहीं चाहते थे कि उनकी पत्नी को उनकी बैंकॉक ट्रिप के बारे में पता चले। उन्हें डर था कि अगर उनकी पत्नी ने उनका पासपोर्ट देखा, तो उन्हें बैंकॉक इमिग्रेशन के साइन और मुहर दिख जाएंगे। इसलिए उन्होंने अपने पासपोर्ट से बैंकॉक इमिग्रेशन के साइन और मुहर वाले पन्ने ही फाड़ दिए। 

मुंबई एयरपोर्ट पर जब इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट चेक किया, तो उन्हें पासपोर्ट के 17-18 और 21-22 नंबर के पन्ने गायब मिले। शक होने पर अधिकारियों ने वीके भालेराव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उन्होंने कुछ कहानियां बनाईं, लेकिन बाद में सच कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद ही पासपोर्ट के पन्ने फाड़े हैं। उन्होंने माना कि उन्होंने अपनी पत्नी से बैंकॉक ट्रिप छुपाने के लिए ऐसा किया। पुलिस ने वीके भालेराव को गिरफ्तार कर लिया है।

पासपोर्ट एक्ट 1967
पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत, पासपोर्ट में बदलाव करना, पन्ने फाड़ना या जानबूझकर उसे खराब करना एक गंभीर अपराध है। नियम तोड़ने पर 2 साल की जेल, 5000 रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।