India-US Defense Relations: दिल्ली में भारत-अमेरिका रक्षा अधिकारियों ने रक्षा खरीद पर चर्चा की और साथ ही साझेदारी पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच युद्ध अभ्यास अलास्का में किया जाएगा।

US Tariff on India: भारतीय और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली में एक बैठक की, जिसमें रक्षा खरीद के मुख्य मुद्दों पर चर्चा की और भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने की अपनी जिम्मेदारियों को दोहराया है। रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट लिखा, "रक्षा उप सहायक सचिव (दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया), अमेरिकी रक्षा विभाग डॉ एंड्रयू बायर्स ने आज संयुक्त सचिव (समुद्री और सिस्टम अधिग्रहण) श्री दिनेश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने रक्षा खरीद के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की और भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।"

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14 अगस्त के दिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी के मुद्दे पर खुलकर चर्चा की है। अपनी बात में उन्होंने कहा, "भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी, जो मूलभूत रक्षा समझौतों द्वारा समर्थित है, द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह मजबूत सहयोग कई क्षेत्रों में मजबूत हुआ है। हम अगस्त के मध्य में एक अमेरिकी रक्षा नीति दल के दिल्ली में होने की उम्मीद कर रहे हैं। संयुक्त सैन्य अभ्यास का 21वां संस्करण - 'युद्ध अभ्यास' भी इस महीने के अंत में अलास्का में होने की उम्मीद है। दोनों पक्ष इस महीने के अंत में कार्यकारी स्तर पर 2+2 अंतर-सत्र बैठक आयोजित करने के लिए लगे हुए हैं। जहां तक रक्षा अधिग्रहण के प्रश्न का संबंध है, खरीद प्रक्रिया स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार जारी है।"

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देखा जाए तो इस वक्त अमेरिका भारत पर हर तरह से शिकंजा कसता हुआ दिखाई दे रहा है। भारत और चीन दोनों ही रूस से तेल खरीद रहे हैं। अमेरिका चीन पर उतने प्रतिबंध नहीं लगा रहा है, जितने भारत पर लगाया जा रहा है। भारत पर अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के नेता भी भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसका फायदा पाकिस्तान पूरी तरह से उठाते हुए दिखाई दे रहा है।