जापान में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो काफी चिंता की बात मानी जा रही है।

जापान में बूढ़ों की संख्या। जापान में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो काफी चिंता की बात मानी जा रही है। हाल ही में देश की सरकारी अनुसंधान संस्थान ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को जानकारी दी कि बूढ़ों की आबादी बढ़ने की वजह से उसकी सामाजिक सुरक्षा पर बोझ बढ़ जाएगा। इसके साथ ही देश में जनसांख्यिकीय परिवर्तन की वजह से परेशानी बढ़ने की आशंका है। एशियाई देश में 2050 में सिंगल रहने वाले बुर्जुगों की संख्या 23.3 मिलियन (2 करोड़ 30 लाख) हो जाएगी। ये आंकड़ा देश के कुल परिवारों का 44.3 फीसदी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च ने कहा कि यह 2020 में 38% से अधिक होगा।

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संस्थान के संभावित अनुमान से पता चलता है कि उन एक-व्यक्ति परिवारों में 65 या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक 2050 तक 46.5 फीसदी हो जाएंगे, जबकि ये आंकड़ा 2020 में यह 34.9 फीसदी था। जापान दुनिया के सबसे उन्नत वृद्ध समाजों में से एक है। इसकी वजह ये है कि देश में हाल के दशकों में शादी करने की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है, क्योंकि एक स्थिर अर्थव्यवस्था युवा पीढ़ी को सबसे अधिक प्रभावित करती है।

जापान में इतने लोग ने नहीं की कभी डेटिंग

कोविड-19 महामारी लोगों के अपने संभावित साझेदारों से मिलने और शादी के बंधन में बंधने के रास्ते में रुकावट भी इसका कारण माना जा रहा है। टोक्यो में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग एक-तिहाई पुरुषों ने कभी शादी नहीं की है, जबकि रिक्रूट होल्डिंग्स द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि जापान में 20 वर्ष से अधिक उम्र के 46 फीसदी पुरुषों और 30 फीसदी महिलाओं ने कभी डेटिंग नहीं की है।

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