पीएम मोदी थाईलैंड में BIMSTEC समिट में शामिल हुए। रात्रिभोज में बांग्लादेश के सलाहकार यूनुस के साथ दिखे, जिससे रिश्तों पर अटकलें तेज हो गईं। क्या भारत-बांग्लादेश के बीच जमी बर्फ पिघलेगी?

PM Narendra Modi Thailand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड की यात्रा पर हैं। वह BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) summit में शामिल होंगे। इससे पहले थाईलैंड की पीएम पैतोंगतार्न शिनावात्रा ने रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को साथ बैठे देखा गया।

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नरेंद्र मोदी के बैठने की व्यवस्था ने क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच संभावित द्विपक्षीय बैठक के बारे में अटकलों को हवा दी है। BIMSTEC Summit में पीएम मोदी के अलावा थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के नेता भाग लेंगे।

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बता दें कि भारत और बांग्लादेश के संबंधों में पिछले साल से गिरावट देखी गई है। अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा हुई। भारत ने इसपर चिंता व्यक्त की थी।

चीन जाकर यूनुस ने की थी भारत विरोधी बातें

यूनुस ने भारत विरोधी बातें कर दोनों देशों के संबंधों को खराब किया है। हाल ही में चीन की यात्रा के दौरान यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत के बारे ऐसी बातें कहीं, जिसपर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। चीन में यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर को 'जमीन से घिरा हुआ' बताया। कहा कि इस क्षेत्र में समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने बांग्लादेश को इस क्षेत्र का प्राथमिक समुद्री प्रवेश द्वार बताया। बीजिंग से बांग्लादेश में अपने आर्थिक प्रभाव का विस्तार करने का अनुरोध किया। बांग्लादेश को इस क्षेत्र में "समुद्र का एकमात्र संरक्षक" बताया।

भारत में यूनुस के बयान की निंदा हुई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनकी बातों को "अपमानजनक और अस्वीकार्य" बताया। चेतावनी दी कि यूनुस ने रणनीतिक "चिकन नेक" कॉरिडोर पर बहस को फिर से हवा दे दी है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने वाली एक संकरी भूमि पट्टी है।