शतरंज का खेल शांत रहने, एकाग्रता और धैर्य का खेल माना जाता है। यह दुनियाभर में दिमाग वाले लोगों के बीच सबसे ज्यादा पॉपुलर खेल माना जाता है लेकिन जब इंसान और मशीन के बीच मैच होता है तो कुछ ऐसा भी हो सकता है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते।

मॉस्को. मॉस्को ओपन के एक मैच के दौरान एक 7 वर्षीय बच्चे का मैच रोबोट के साथ चल रहा था, तभी रोबोट ने प्रतिद्वंदी बच्चे की अंगुली पकड़ी और तोड़ दी। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि मशीन कभी भी इंसानों जैसा व्यवहार नहीं कर सकते। यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। 

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क्या है पूरा मामला
माना जाता है कि शतरंज शांत रहने, एकाग्रता और धैर्य का खेल है। यह दुनियाभर में दिमाग वाले लोगों के बीच सबसे ज्यादा पॉपुलर खेल माना जाता है लेकिन जब इंसान और मशीन के बीच मैच होता है तो कुछ ऐसा भी हो सकता है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। यह नजारा तब दिखा जब मॉस्को ओपन के दौरान एक रोबोट ने सामने वाले प्रतिद्वंदी खिलाड़ी 7 वर्षीय बच्चे की अंगुली ही तोड़ डाली। रूसी मीडिया का मानना है कि बच्चे की शातिर चालों से परेशान होकर रोबोट ने यह खौफनाक कदम उठाया। यह घटना कई सवाल भी खड़े कर रही है। 

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क्या कहता है शतरंज संघ
मॉस्को शतरंज महासंघ के अधिकारियों के अनुसार रोबोट पहले कई मैच बिना परेशान हुए खेल चुका है। लेकिन इस मैच में रोबोट ने बच्चे की उंगली तोड़ दी। यह निश्चित रूप से बुरा है। वहीं एक वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे रोबोटिक हाथ ने नाबालिग लड़के की उंगली को कई सेकंड तक दबाए रखा और उसकी अंगुली टूट गई। जब यह घटना हुई तो लोग बच्चे को बचाने के लिए दौड़े और किसी तरह से उसे रोबोट के चंगुल से छुड़ाया। रूसी शतरंज संघ इस दुर्लभ मामला बता रहा है और उसका कहना है कि इसे नसीहत के तौर पर याद रखा जा सकता है। 

नियमों के उल्लंघन का मामला
रूस के शतरंज संघ का मानना है कि मैच के दौरान 7 साल के बच्चे ने कुछ नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके बाद रोबोट की तरफ से इस तरह की प्रतिक्रिया की गई। जब उसने चाल चली तो उसे कुछ देर सामने वाले का इंतजार करना चाहिए था लेकिन उसने फिर से त्वरित प्रतिक्रिया की, जिसके बाद रोबोट ने उसकी अंगुली पकड़ी और तोड़ डाली। जानकारी के अनुसार 7 वर्षीय लड़के का नाम क्रिस्टोफर है। वह अंडर-9 श्रेणी में 30 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल है। हालांकि इस घटना के बाद काफी डरा हुआ है। 

घटना की होगी जांच
इस पूरे मामले पर क्रिस्टोफर के माता पिता ने सरकारी अभियोजक कार्यालय से संपर्क किया है। अधिकारियों का कहना है कि वे बातचीत करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। अधिकारियों का यह कहना है कि ये घटना महज एक संयोग थी और रोबोट बिल्कुल सुरक्षित है। ऐसा दोबारा न होने पाए, इसके लिए कुछ नियम बनाए जाएंगे।

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