फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए लौवरे संग्रहालय (Louvre Museum) में भोज दिया। आखिरी बार यहां 1953 में महारानी एलिजाबेथ के लिए भोज आयोजित किया गया था।

पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन की फ्रांस यात्रा (PM Modi France visit) पूरी कर ली है। फ्रांस की यह यात्रा कई मायनों में बेहद खास रही। फ्रांस की ओर से कई ऐसे इशारे किए गए, जिससे पता चलता है कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को कितना अधिक महत्व दे रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैस्टिल डे परेड के मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने आमंत्रित किया था। मैक्रॉन ने पीएम मोदी के सम्मान में फ्रांस के नेशनल डे के अवसर पर लौवरे संग्रहालय (Louvre Museum) में भोज रखा। आखिरी बार यहां 1953 में महारानी एलिजाबेथ के लिए भोज आयोजित किया गया था।

शाकाहारी था भोज का मेनू

आमतौर पर नेशलन डे पर लौवरे संग्रहालय में काफी भीड़ होती है, लेकिन भोज की मेजबानी के लिए इसे बंद कर दिया गया था। आमतौर पर लौवरे संग्रहालय के भोजन में फ्रांसीसी फूड होते है, लेकिन इस बार नरेंद्र मोदी के चलते प्रोटोकॉल में बदलाव किया गया। भोज में भारतीय व्यंजनों को भी परोसा गया। पीएम मोदी शाकाहारी भोजन करते हैं। इस बात का ध्यान रखते हुए मेनू को विशेष रूप से शाकाहारी बनाया गया था।

भोज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग्रहालय के प्रवेश द्वार पहुंचे तो मैक्रॉन ने उनका स्वागत किया। मैक्रॉन पीएम मोदी को साथ लेकर रात्रिभोज के लिए लौवरे के ग्रेट हॉल में गए। रात्रिभोज में फ्रांस की सरकार के मंत्री, बड़े उद्योगपति और कई हाई-प्रोफाइल मेहमानों ने भाग लिया।

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भोजन के प्रति एक जैसा है फ्रांस और भारत के लोगों का प्रेम: नरेंद्र मोदी

लौवरे संग्रहालय में नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और फ्रांस के बीच अनेक समानताएं हैं। मुझे लगता है हमारी सबसे बड़ी समानता है जिस चाव से हम खाना खाते हैं। मैं देख सकता हूं कि सभी लोग स्पेशल मेनू का आनंद लेने के लिए इंतजार कर रहे हैं। आप सभी लोग भोज में जोश से मेरा साथ दें।"

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