अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर ट्रंप प्रशासन सख्त। नए कानून से वापसी आसान, लेकिन संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती। ICE को 110,000 अतिरिक्त बेड और 3.2 बिलियन डॉलर की जरूरत।

Illegal immigration and US new Law: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई तेज हो गई है। अवैध प्रवासियों को अरेस्ट कर उनको वापस भेजने के लिए बहुप्रतिक्षित लाकेन राइली एक्ट भी ट्रंप ने यूएस संसद में पास करा लिया है। अब प्रवासियों को अरेस्ट कर उनको वापस भेजना आसान हो जाएगा। लेकिन इस कानून को लागू करने और प्रवासियों को वापस भेजने की राह बेहद मुश्किलों वाली है। वह इसलिए क्योंकि अमेरिका के ICE के पास संसाधन ही उतना नहीं जितनी तादाद में यहां अवैध रूप से प्रवासी हैं। एक अनुमान के अनुसार, लाकेन राइली एक्ट को लागू करने के लिए अमेरिका को 3.2 बिलियन डॉलर खर्च करना पड़ेगा।

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सवा लाख के आसपास अतिरिक्त बेड की होगी आवश्यकता

ICE ने कहा कि ‘लाकेन राइली एक्ट’ को लागू करने के लिए 110,000 अतिरिक्त बेड की आवश्यकता होगी। अभी उसके पास इतना संसाधन ही नहीं है। दिसंबर तक ICE के पास 39,000 लोग हिरासत में थे जबकि इसकी क्षमता 41,500 बेड की है। ICE ने अनुमान लगाया है कि इस कानून को लागू करने में $3.2 बिलियन की लागत आएगी। हालांकि, यह लागत अनुमानित है, इससे कहीं अधिक खर्च आएगा। एजेंसी ने यह भी कहा कि अतिरिक्त संसाधन मिलने के बावजूद इसे लागू करने में समय लगेगा क्योंकि नई भर्तियों, हिरासत बेड की उपलब्धता, अनुबंध/अधिग्रहण प्रक्रियाओं में समय लगता है।

क्यों कहा गया लाकेन राइली एक्ट, ट्रंप की पहली जीत?

‘लाकेन राइली एक्ट’ को यूएस कांग्रेस में पास कराना, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए पहली विधायी जीत के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव के दौरान ट्रंप ने अमेरिकियों से वादा किया था कि अवैध प्रवासियों को वह हर हाल में अरेस्ट कर वापस भेजेंगे। शपथ लेने के बाद उन्होंने उसे तत्काल प्रभाव से पूरा करने की कोशिशें शुरू कर दी। इसके बाद अमेरिकी कांग्रेस ने बुधवार को GOP-प्रेरित विधेयक को अंतिम मंजूरी दी। इस कानून के तहत अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले या अपराधों में दोषी पाए गए अप्रवासियों को हिरासत में लेकर देश निकाला किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस विधेयक को ‘लाकेन राइली एक्ट’ के नाम से जाना जाएगा। 

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