8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग से 10 लाख पेंशनर्स ने बड़ी मांग की है। न्यूनतम बेसिक सैलरी 69 हजार और मिनिमम पेंशन 45 हजार रुपए करने का प्रस्ताव है।

8th Pay Commission Update: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स (Pensioners) के लिए 8वें वेतन आयोग से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। करीब 10 लाख पेंशनर्स की आवाज उठाने वाले देश के सबसे पुराने संगठनों में से एक 'भारत पेंशनर्स समाज' (BPS) ने वेतन आयोग के सामने कुछ ऐसी बंपर डिमांड्स रख दी हैं, जिन्हें सुनकर आप भी खुश हो जाएंगे। बीपीएस ने आयोग के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा हर 3 महीने DA और DR बढ़ाने, 69,000 रुपए न्यूनतम बेसिक पे और 45,000 रुपए मिनिमम पेंशन की मांग को लेकर है। आइए जानते हैं ये नई मांगें क्या हैं...

साल में 2 नहीं, 4 बार बढ़े महंगाई भत्ता

अभी तक का नियम यह है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को साल में सिर्फ दो बार यानी हर 6 महीने पर महंगाई भत्ता (DA/DR) मिलता है। लेकिन BPS ने वेतन आयोग से मांग की है कि इसे बदलकर हर 3 महीने यानी साल में 4 बार किया जाए। संगठन का तर्क है कि बाजार में महंगाई बहुत तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में आम आदमी के लिए 6 महीने तक पुरानी दर पर ही गुजारा करना काफी मुश्किल हो जाता है।

25% होते ही बेसिक में जुड़ जाए DA

एक और सबसे बड़ी मांग मर्जर (Merger) को लेकर की गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जैसे ही महंगाई भत्ता (DA/DR) 25% के आंकड़े को पार करे, उसे तुरंत बेसिक पेंशन या सैलरी में जोड़ दिया जाना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो हर महीने खाते में आने वाली रकम काफी बढ़ जाएगी।

सैलरी, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ी मांग

बेसिक सैलरी 69,000 रुपए: 7 अगस्त को वेतन आयोग के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में BPS ने पैसों को लेकर पूरा नया गणित पेश किया। उनकी मुख्य मांगों में सबसे पहला है कि कम से कम बेसिक सैलरी 69,000 रुपए तय की जाए। इसके अलावा मिनिमम पेंशन 45,000 रुपए तक हो।

फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): सैलरी बढ़ाने वाले फिटमेंट फैक्टर को 3.83 रखा जाए, ताकि सैलरी में बंपर इजाफा हो>

पारिवारिक फॉर्मूला: कैलकुलेशन के लिए 5.2 वेटेड यूनिट का इस्तेमाल किया जाए।

भेदभाव खत्म हो: 1 जनवरी 2026 से पहले और बाद में रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन में कोई अंतर न हो।

10 साल का झंझट खत्म करने की मांग

अभी पे-कमीशन (Pay Commission) हर 10 साल में एक बार आता है। संगठन ने मांग की है कि 10 साल का समय बहुत लंबा होता है। इसे घटाकर 5 साल कर दिया जाना चाहिए, ताकि महंगाई के हिसाब से समय-समय पर सैलरी और पेंशन का रिव्यू हो सके।

8वें वेतन आयोग पर कब तक आएगा फाइनल फैसला?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है। उम्मीद है कि मई-जून 2026 तक यह रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। दिल्ली में अहम मीटिंग्स हो चुकी हैं और आने वाले महीनों में चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में आयोग की और भी बैठकें होनी हैं।