Muhurat Trading 2026: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए सिर्फ 1 घंटे शेयर बाजार खुलेगा। अगर आप भी निवेश करने जा रहे हैं, तो जोश में आकर ये 3 बड़ी गलतियां न करें।
Muhurat Trading Mistakes: दिवाली (Diwali 2026) का त्योहार शेयर बाजार के निवेशकों के लिए 'मुहूर्त ट्रेडिंग' का शगुन होता है। रविवार को जब पूरा देश लक्ष्मी पूजा की तैयारियों में लगा होगा, तब स्टॉक मार्केट भी नए हिंदू कैलेंडर वर्ष 'संवत 2083' का स्वागत करने के लिए खुलेगा। संडे होने के बावजूद BSE और NSE दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक एक स्पेशल सेशन के लिए खुलेंगे। पिछले हफ्ते शेयर बाजार ने तगड़ी वापसी की है। सेंसेक्स 6,500 से ज्यादा पॉइंट उछला है और निवेशकों ने जमकर पैसा बनाया है। इस शानदार तेजी को देखकर हर कोई मुहूर्त ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए बेताब है। लेकिन रुकिए! एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि सिर्फ 1 घंटे के इस स्पेशल सेशन में भावनाओं (Emotions) में बहकर पैसा लगाना भारी पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप भी मुहूर्त ट्रेडिंग करने वाले हैं, तो ये 3 गलतियां भूलकर भी न करें...
जोश में आकर आंख बंद करके शेयर न खरीदें (Don't Chase Momentum)
पिछले 6-7 दिनों से बाजार लगातार ऊपर जा रहा है। ऐसे में कई निवेशकों को लगता है कि 'आज जो भी खरीदूंगा, वो ऊपर ही जाएगा।' इसे बाजार की भाषा में 'FOMO' (छूट जाने का डर) कहते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग 'लंबी रेस के घोड़े' (Long-term Strategy) चुनने का दिन है। शॉर्ट-टर्म सट्टेबाजी (Speculation) से बचें। सिर्फ उन कंपनियों में पैसा लगाएं जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत हो।
एक साथ सारा पैसा न लगाएं (Avoid Aggressive Bets)
अक्सर लोग सोचते हैं कि 'दिवाली का दिन है, आज सारा पैसा लगाकर बड़ा मुनाफा कमा लेंगे।' ये बहुत बड़ी भूल है। एक घंटे के सेशन में मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम होता है। इसका मतलब है कि शेयरों के भाव बहुत तेजी से ऊपर-नीचे हो सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अपना पूरा पैसा एक बार में न लगाएं। थोड़ा-थोड़ा करके क्वॉलिटी वाले लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियों) शेयरों को गिरावट पर खरीदने (Buy-on-dips) की रणनीति अपनाएं।
मार्केट ऑर्डर का इस्तेमाल न करें (Always Use Limit Orders)
ये सबसे बड़ी टेक्निकल गलती है जो नए निवेशक करते हैं। अगर आप ऐप पर 'Buy at Market Price' क्लिक कर देंगे, तो एक घंटे की इस आपाधापी (Volatility) में आपको शेयर बहुत महंगे भाव पर मिल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं हमेशा 'लिमिट ऑर्डर' (Limit Order) लगाएं। यानी ऐप को बताएं कि 'अगर शेयर इस खास कीमत (Target Price) पर आए, तभी मेरा ऑर्डर खरीदा जाए।' इससे आप महंगे भाव पर फंसने से बच जाएंगे।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों (Market Risks) के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से जरूर सलाह लें।














