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Health Insurance Alert: क्या आपका बीमा ₹15 लाख से कम है? लिवर के इलाज का खर्च हुआ डबल, जानें क्या करें
Health Insurance: अगर आपका हेल्थ इंश्योरेंस ₹15 लाख से कम है, तो सावधान हो जाइए। एक नई रिपोर्ट के अनुसार,लिवर की बीमारियों का इलाज 3 साल में दोगुना हो चुका है। जानें क्यों अब ₹5-10 लाख का बीमा आपकी फैमििली के लिए काफी नहीं और कैसे अपनी सेविंग्स बचाएं

क्या है नई रिपोर्ट
केयर हेल्थ इंश्योरेंस के हालिया डेटा के मुताबिक, पिछले 3 सालों में लिवर की बीमारियों के इंश्योरेंस क्लेम दोगुने हो गए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि लोग अब लिवर की समस्याओं के कारण पहले से कहीं ज्यादा अस्पताल पहुंच रहे हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि यह बीमारी अब किसी खास उम्र या शहर तक सीमित नहीं रही।
लिवर की बीमारी किसे ज्यादा हो रही है?
रिपोर्ट के अनुसार, 30-40 साल के युवाओं में लिवर क्लेम हर साल 5-10% बढ़ रहे हैं। टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में यह उछाल सालाना 10-15% है। महिला पॉलिसी होल्डर्स में लिवर से जुड़े क्लेम्स में हर साल 10% की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
हेल्थ इंश्योरेंस कितने लाख का लेना चाहिए?
बीमा कंपनियों का कहना है कि अब कम से कम ₹15 लाख का हेल्थ कवर होना जरूरी है। इसके पीछे एक नहीं कई बड़े कारण हैं। फैटी लिवर जैसी बीमारियां शुरू में पता ही नहीं चलतीं। जब तक पता चलता है, तब तक इलाज बहुत पेचीदा और महंगा हो चुका होता है। लिवर की बीमारी में बार-बार टेस्ट, महंगी दवाइयां और लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। अगर स्थिति गंभीर हो जाए और लिवर ट्रांसप्लांट की नौबत आए, तो बिल ₹25 लाख से ₹40 लाख तक जा सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर कौन सी गलतियां हो रही हैं?
- अगर आपकी पॉलिसी पुरानी है, तो उसे अब बदलने की जरूरत है।
- ₹10 लाख से नीचे की पॉलिसी अब बड़ी बीमारी के सामने छोटी पड़ रही है।
- एक ही पॉलिसी में पूरे परिवार का बीमा है, तो एक ही व्यक्ति के इलाज में पूरा पैसा खत्म हो सकता है।
- अस्पताल के खर्च हर साल बढ़ रहे हैं। इसलिए बीमा लेते समय महंगाई को नजरअंदाज करना रिस्क बढ़ा सकता है।
आपको क्या करना चाहिए?
पॉलिसी को 'टॉप-अप' करें: अगर बेस पॉलिसी छोटी है, तो कम प्रीमियम में 'टॉप-अप' लेकर अपना कवर ₹15-20 लाख तक बढ़वाएं।
क्रिटिकल इलनेस राइडर लें: गंभीर बीमारी का पता चलते ही यह राइडर आपको एकमुश्त पैसा देता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है।
रूटीन चेकअप: लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) को अपने सालाना चेकअप का हिस्सा बनाएं। शुरुआती पहचान ही सबसे बड़ी बचत है।
लाइफस्टाइल बदलें: खराब डाइट और सुस्त जीवनशैली लिवर की दुश्मन है। वजन कंट्रोल रखें और जंक फूड से बचें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी तरह की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) या पेशेवर बीमा परामर्श (Insurance Consultancy) का विकल्प नहीं है। लिवर से जुड़ी बीमारियों के निदान या उपचार के लिए हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने या उसमें बदलाव करने से पहले पॉलिसी के नियमों, शर्तों और समावेशन (Exclusions) को ध्यान से पढ़ें और अपने बीमा सलाहकार से सलाह जरूर लें। आंकड़ों का सोर्स रिपोर्ट और बाजार अध्ययन पर आधारित है, जो समय-समय पर बदल सकते हैं।
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