- Home
- Business
- नौकरी करने वालों की मौज! मील कार्ड और HRA के नए नियमों से बचेंगे ₹1 लाख से ज्यादा, देखें कैलकुलेशन
नौकरी करने वालों की मौज! मील कार्ड और HRA के नए नियमों से बचेंगे ₹1 लाख से ज्यादा, देखें कैलकुलेशन
Income Tax Rules 2026: अगर आप जॉब करते यानी सैलरीड हैं, तो खुश हो जाइए। आज 20 मार्च 2026 से केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स के नए नियम को नोटिफाई कर दिया है। जिसमें बच्चों की पढ़ाई से ऑफिस के खाने तक पर टैक्स छूट कई गुना बढ़ा दिया गया है। जानिए 5 बदलाव..

मील कार्ड पर अब ₹1 लाख से ज्यादा की टैक्स फ्री छूट
खाने के कूपन (Sodexo-Pluxxee) का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी राहत है। नए नियमों के मुताबिक, ऑफिस के वर्किंग आवर्स के दौरान मिलने वाले खाने या वाउचर की टैक्स फ्री लिमिट को ₹50 प्रति मील से बढ़ाकर सीधे ₹200 कर दिया गया है। अगर हम महीने के 22 वर्किंग डे और दिन के दो मील का हिसाब लगाएं, तो अब आप सालाना ₹1,05,600 तक का मील वाउचर टैक्स फ्री पा सकते हैं। जो कर्मचारी 30% वाले टैक्स स्लैब में आते हैं, वे इस बदलाव के जरिए साल भर में करीब ₹24,710 की सीधी बचत कर पाएंगे।
HRA का नया नियम: पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में 50% की छूट
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों में हुआ बदलाव उन लाखों लोगों के लिए गेमचेंजर है, जो दिल्ली-मुंबई के बाहर के बड़े शहरों में रहते हैं। सरकार ने अब पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों को भी मेट्रो सिटी की कैटेगरी में शामिल कर लिया है, जिसका मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले किराएदार अब अपनी बेसिक सैलरी का 50% तक HRA क्लेम कर सकेंगे, जो पहले सिर्फ 40% था। हालांकि, इसके साथ ही Form 124 का नया नियम भी जुड़ा है, जिसके तहत अब आपको इनकम टैक्स विभाग को अपने मकान मालिक के साथ अपना रिश्ता साफ तौर से बताना होगा।
बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर 30 गुना तक बढ़ी राहत
पैरेंट्स के लिए यह नियम सबसे ज्यादा सुकून देने वाला है, क्योंकि दशकों पुराने मामूली भत्तों को अब हकीकत के करीब लाया गया है। अभी तक बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाला चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस सिर्फ ₹100 प्रति महीना था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3,000 प्रति महीना कर दिया गया है। इसी तरह हॉस्टल खर्च के लिए मिलने वाली ₹300 की छूट को बढ़ाकर ₹9,000 प्रति महीना कर दिया गया है। यह बदलाव उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिनके बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, क्योंकि अब वे अपनी टैक्सेबल इनकम को काफी हद तक कम कर पाएंगे।
ऑफिस से मिलने वाला लोन अब हुआ पूरी तरह 'टैक्स फ्री'
अगर आप अपनी कंपनी से बीमारी के इलाज या किसी पर्सनल काम के लिए ब्याज मुक्त (Interest-free) लोन लेते हैं, तो अब आपको ₹2 लाख तक के लोन पर कोई टैक्स वैल्यू (Perquisite) नहीं देनी होगी। सरकार ने इसकी लिमिट बढ़ाकर कर्मचारियों को बड़ी वित्तीय राहत दी है। यह नियम पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं (Old & New Tax Regimes) पर लागू होगा, जिससे उन लोगों को फायदा होगा जो इमरजेंसी के वक्त बाहर से महंगे ब्याज पर लोन लेने के बजाय अपनी कंपनी की मदद लेते हैं।
ऑफिस की कार चलाने वालों के लिए बदली टैक्स वैल्यू
कार पर्क्स (Motor Car Perquisites) के नियमों में बदलाव उन लोगों के लिए थोड़ा झटका साबित हो सकता है जिन्हें कंपनी की तरफ से गाड़ी मिली हुई है। अब 1.6 लीटर से कम इंजन वाली पॉपुलर कारों (जैसे Creta 1.5L या Virtus 1.0L) की टैक्स वैल्यू को ₹600 प्रति महीने से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति महीना कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि आपकी सैलरी में अब ₹2,000 का एक्स्ट्रा बेनिफिट जुड़ा हुआ माना जाएगा और उस पर आपके स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स कटेगा, जो आपकी इन-हैंड सैलरी पर थोड़ा असर डाल सकता है।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

