Petrol Diesel Price News: क्या होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से दुनिया में तेल सप्लाई बढ़ेगी? क्या क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है? क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी इसका असर पड़ेगा? क्या सच में अमेरिका और ईरान शांति के लिए मान गए हैं?
Hormuz Strait Reopening Impact: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए मिडिल-ईस्ट और अमेरिका से आई एक खबर उम्मीद जगा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ शांति समझौते का रास्ता साफ हो गया है और दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की तैयारी हो रही है। ट्रंप के इस ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है, क्या इससे कच्चा तेल (Crude Oil) सस्ता हो जाएगा? क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई देगा? आइए जानते हैं जवाब...

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर क्या ऐलान किया?
रविवार देर रात डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'ईरान के साथ डील पूरी हो चुकी है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन स्टार्ट करो और तेल को बहने दो!' इसका मतलब लगाया जा रहा है कि जल्द ही समंदर के उस सबसे जरूरी रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोला जा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट खुलना क्यों जरूरी है?
दुनिया में जितना भी कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक देश से दूसरे देश भेजा जाता है, उसका करीब पांचवां हिस्सा (20%) इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। इस साल 28 फरवरी को जब युद्ध भड़का, तो ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया। बदले में अमेरिका ने भी अपनी नौसेना तैनात करके ईरान के पोर्ट्स की नाकेबंदी कर दी थी। अब ट्रंप इस नाकेबंदी को तुरंत हटाने के लिए तैयार हो गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट खुलने के ऐलान के बाद 3 सबसे बड़े सवाल
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?
जानकारों का कहना है कि फिलहाल इसका सीधा जवाब देना मुश्किल है। हालांकि, बाजार को यह संकेत जरूर मिला है कि आने वाले समय में तेल की सप्लाई सामान्य हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम पड़ सकता है। लेकिन सिर्फ एक समझौते से पेट्रोल-डीजल तुरंत सस्ता नहीं हो जाता। कीमतें कई चीजों पर निर्भर करती हैं, जैसे ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें, डॉलर की कीमत, सरकार के टैक्स, कंपनियों की लागत. ग्लोबल डिमांड और सप्लाई। इसलिए अभी राहत की उम्मीद तो बनी है, लेकिन नतीजा आने में समय लग सकता है।
होर्मुज खोलने वाली डील कब से लागू होगी?
इस डील को कराने में पाकिस्तान, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों ने मध्यस्थता किया है। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के मुताबिक, आने वाले शुक्रवार यानी 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश इस समझौते पर फाइनल दस्तखत करेंगे। उसके बाद ही हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुलेगा।
क्या ईरान-अमेरिका डील में कोई पेंच या ट्विस्ट भी है?
ईरान ने कहा है कि वह आगे की बात के लिए तैयार है, लेकिन पहले अमेरिका को भरोसा जीतना होगा। ईरान ने अपनी 3 मुख्य मांगें रखी हैं। पहली अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई और युद्ध का माहौल पूरी तरह खत्म करे। दूसरी ईरान पर लगे सभी आर्थिक और समुद्री प्रतिबंध हटाए जाएं और तीसरी विदेशों में फ्रीज (जब्त) पड़े ईरान के अरबों डॉलर के फंड को तुरंत रिलीज किया जाए।


