ITR Filing Last Date: क्या हर टैक्सपेयर 31 अगस्त तक ITR भर सकता है? जानिए ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की सही डेडलाइन और गलत फॉर्म चुनने के नुकसान।
ITR Filing Deadline: अगर आप सैलरीड एम्प्लॉई हैं और ITR भरने की लास्ट डेट 31 अगस्त देखकर राहत की सांस ले रहे हैं, तो ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। यह राहत हर टैक्सपेयर के लिए नहीं है। कई लोग सिर्फ एक महीने का एक्स्ट्रा समय पाने के लिए ITR-3 या ITR-4 भरने की सोच रहे हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा करना भारी पड़ सकता है। गलत ITR फॉर्म चुनने पर आपका रिटर्न डिफेक्टिव (Defective) या इनवैलिड (Invalid) माना जा सकता है। ऐसे में लेट फीस, ब्याज और दूसरे नियमों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कोई भी 31 अगस्त तक ITR भर सकता है?
31 अगस्त की आखिरी तारीख सिर्फ उन लोगों के लिए है, जिन पर ITR-3 या ITR-4 लागू होता है। अगर आप सैलरी पाने वाले कर्मचारी हैं और आपके लिए ITR-1 या ITR-2 लागू होता है, तो आपकी डेडलाइन अब भी 31 जुलाई ही है। यानी सिर्फ ज्यादा समय पाने के लिए अपनी मर्जी से ITR-3 या ITR-4 चुनना सही तरीका नहीं है।
एक्स्ट्रा टाइम पाने के लिए ITR-3 भरना क्यों गलत है?
कई टैक्सपेयर्स सोच रहे हैं कि अगर ITR-3 की आखिरी तारीख 31 अगस्त है, तो वही फॉर्म भर दिया जाए। लेकिन टैक्स नियम ऐसा करने की इजाजत नहीं देते हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, ITR फॉर्म का चुनाव इस बात से तय होता है कि आपकी कमाई किस सोर्स से होती है, न कि इस बात से कि आपको कौन-सी डेडलाइन पसंद है। अगर आपने गलत फॉर्म भर दिया, तो इनकम टैक्स विभाग आपके रिटर्न को डिफेक्टिव घोषित कर सकता है और सही फॉर्म दोबारा भरने के लिए कह सकता है।
गलत ITR फॉर्म भरने पर क्या हो सकता है?
- रिटर्न डिफेक्टिव या इनवैलिड हो सकता है।
- सही फॉर्म बाद में भरना पड़ सकता है।
- देरी होने पर लेट फीस देनी पड़ सकती है।
- बकाया टैक्स पर ब्याज लग सकता है।
- कुछ मामलों में नुकसान (Loss) को आगे ले जाने का फायदा भी नहीं मिलेगा।
- अगर गलत जानकारी देने का मामला माना गया, तो नियमों के मुताबिक टैक्स पर भारी पेनल्टी भी लग सकती है।
किसे कौन-सा ITR फॉर्म भरना चाहिए?
ITR-1 किसके लिए है?
अगर आप भारत के निवासी हैं और आपकी कुल सालाना आय 50 लाख रुपए तक है, जो मुख्य रूप से सैलरी, पेंशन, दो तक मकानों की आय, अन्य सामान्य सोर्स और सीमित कृषि आय से आती है, तो आमतौर पर ITR-1 आपके लिए होता है।
ITR-2 किसके लिए है?
अगर आपकी आय में कैपिटल गेन, दो से ज्यादा मकान, विदेशी संपत्ति, विदेश से आय या 50 लाख रुपए से ज्यादा कुल आय शामिल है और आपके पास बिजनेस या प्रोफेशन की आय नहीं है, तो आमतौर पर ITR-2 लागू होता है।
ITR-3 किसके लिए है?
अगर आप फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, सीए, कंसल्टेंट, दुकानदार, ट्रेडर, कमीशन एजेंट या किसी बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं, तो आपके लिए ITR-3 लागू हो सकता है।
ITR-4 (सुगम) किसके लिए है?
अगर आप Presumptive Tax Scheme के तहत टैक्स भरते हैं और जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो आप ITR-4 (सुगम) का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फॉर्म हर बिजनेस करने वाले व्यक्ति के लिए नहीं होता।
ITR भरने की 31 जुलाई और 31 अगस्त की डेडलाइन में क्या फर्क है?
इस साल पहली बार अलग-अलग ITR फॉर्म के लिए अलग-अलग आखिरी तारीख तय की गई है। ITR-1 और ITR-2 भरने वालों के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ITR-3 और ITR-4 (नॉन-ऑडिट मामलों) के लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त है। ध्यान रखें कि यह कोई आखिरी समय पर दिया गया डेडलाइन एक्सटेंशन (Deadline Extension) नहीं है, बल्कि अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए तय की गई नई समय-सीमा है।
टैक्स एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं?
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ITR भरने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आप पर कौन-सा ITR फॉर्म लागू होता है। सिर्फ एक महीने की अतिरिक्त मोहलत पाने के लिए गलत फॉर्म भरना भविष्य में नोटिस, लेट फीस और दूसरी परेशानियों की वजह बन सकता है।


