खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए संचार साथी पोर्टल काफी मददगार साबित हुआ है। इस डिजिटल पहल से महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया हैं। संचार साथी पोर्टल के लॉन्च होने के बाद 52 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन को बंद किया गया है।

Sanchar Saathi Portal: खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए संचार साथी पोर्टल काफी मददगार साबित हुआ है। इस डिजिटल पहल से महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया हैं। संचार साथी पोर्टल के लॉन्च होने के बाद 52 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन को बंद किया गया है। इसके साथ ही 67 डीलर्स को ब्लैकलिस्ट कर 300 से ज्यादा FIR भी दर्ज की गई हैं। उक्त जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।

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संचार साथी की मदद से 6 हजार WhatsApp अकाउंट किए ब्लॉक
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, संचार साथी पोर्टल के माध्यम से 17000 हैंडसेट को ब्लॉक किया गया है, जो चोरी किए गए थे। इसके अलावा 6000 व्हाट्सएप अकाउंट को भी ब्लॉक किया गया है। साथ ही 3 लाख मोबाइल फोन को लोकेट (ट्रैक) किया गया है। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, संचार साथी पोर्टल से एक साल के अंदर काफी हद तक साइबर फ्रॉड को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

बल्क में सिम खरीदने पर लगेगा अंकुश
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सभी सिम डीलर्स का पुलिस वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का फैसला भी किया गया है। हमारा मकसद पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए थोक सिम कार्ड खरीद से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाना है। लोग बड़ी संख्या में एक से ज्यादा यानी बल्क में सिम खरीदते हैं। इनमें से 80 प्रतिशत तो ठीक होते हैं, लेकिन 20 प्रतिशत लोग फ्रॉड होते थे।

एक I-कार्ड पर पहले की तरह 9 सिम मिलती रहेंगी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आश्वस्त किया कि पहले की तरह एक ही आईकार्ड से जुड़े 9 सिम कार्ड रखने की सुविधा बरकरार रहेगी। दूरसंचार क्षेत्र में सुरक्षा और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के साथ, संचार साथी पोर्टल देश भर में मोबाइल यूजर्स के हितों की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया है।

क्या है संचार साथी पोर्टल?

संचार साथी पोर्टल को भारत सरकार ने 16 मई, 2023 को लॉन्च किया। इस पोर्टल का मकसद सभी मोबाइल यूजर्स को सुरक्षा प्रदान करना है। इस पोर्टल की मदद से चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने के साथ ही उसे ट्रैक भी किया जा सकता है। अगर खोया या चोरी हुआ फोन पोर्टल की मदद से मिल जाता है, तो उसे अनब्‍लॉक कराकर दोबारा इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इससे इस्तेमाल किए गए मोबाइल को खरीदने से पहले उसकी सत्यता की जांच भी कर सकते हैं।

फोन का IMEI नंबर कराना चाहिए ब्लॉक

संचार साथी पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अगर किसी शख्स का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाए तो उसे फोन के IMEI नंबर को ब्लॉक करा देना चाहिए। इसके लिए आप www.sancharsathi.gov.in पर दिए गए फॉर्म को भरें। फॉर्म भरने से पहले पुलिस में FIR दर्ज कराएं और रिपोर्ट की एक कॉपी अपने पास जरूर रखें।

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