Sanjay Sethi Shopclues Rise and Fall Story: कभी यूनिकॉर्न रही शॉपक्लूज की वैल्यूएशन 10,000 करोड़ से घटकर 700 करोड़ कैसे हो गई? जानिए संजय सेटी के शॉपक्लूज फेलियर के पीछे की वजहें और नए एंटरप्रेन्योर के लिए 5 जरूरी सबक।

Shopclues Rise and Fall Story: कभी भारत का उभरता हुआ यूनिकॉर्न रहा ShopClues आज स्टार्टअप दुनिया में एक केस स्टडी बन चुका है, कैसे तेजी से ऊंचाई पर पहुंची कंपनी उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकती है। 10,000 करोड़ की वैल्यूएशन से गिरकर महज 700 करोड़ के आसपास सिमटना सिर्फ एक बिजनेस फेलियर नहीं, बल्कि नए एंटरप्रेन्योर के लिए बड़ा सबक है। जानिए पूरी डिटेल।

कौन हैं संजय सेठी और कैसे शुरू हुआ ShopClues का सफर?

संजय सेठी ने IIT-BHU से इंजीनियरिंग की और बाद में IIT Delhi से टेक्नोलॉजी में आगे की पढ़ाई की। करीब 15 साल तक eBay जैसी कंपनियों में काम करने के बाद उन्होंने 2011 में संदीप अग्रवाल और राधिका घई के साथ मिलकर ShopClues (शॉपक्लूज) की शुरुआत की।

शॉपक्लूज का Online Chandni Chowk’ वाला आइडिया क्यों हिट हुआ?

ShopClues ने एक अलग रास्ता चुना, ब्रांडेड नहीं, बल्कि सस्ते और अनब्रांडेड सामान। छोटे शहरों Tier-2, Tier-3 पर फोकस किया, ताकि लोगों को कम दाम, ज्यादा विकल्प मिले। यह मॉडल तेजी से पॉपुलर हुआ और 2016 तक कंपनी $1.1 बिलियन (₹10,000 करोड़) की वैल्यूएशन तक पहुंच गई।

ShopClues का गेम कैसे पलट गया?

शुरुआत में Amazon और Flipkart बड़े शहरों में सीमित थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने छोटे शहरों में एंट्री ली, ShopClues का सबसे बड़ा फायदा खत्म हो गया। बेहतर डिलीवरी नेटवर्क, भारी डिस्काउंट, मजबूत ब्रांड भरोसा, धीरे-धीरे ग्राहक बड़ी कंपनियों की तरफ शिफ्ट होने लगे।

ShopClues की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण, हर एंटरप्रेन्योर के लिए सीख

सिर्फ सस्ता होना काफी नहीं होता

  • ShopClues ने कीमत पर फोकस किया, लेकिन वैल्यू और भरोसे को उतना मजबूत नहीं बना पाया।
  • सीख: सस्ता प्रोडक्ट तभी बिकेगा जब ग्राहक को भरोसा भी हो।

क्वालिटी कंट्रोल की अनदेखी भारी पड़ी

  • अनऑर्गनाइज्ड सेलर्स के कारण प्लेटफॉर्म पर नकली और घटिया प्रोडक्ट्स बढ़ गए।
  • रिटर्न रेट 30-40% तक पहुंच गया।
  • कस्टमर एक्सपीरिएंस खराब हुआ।
  • सीख: क्वालिटी से समझौता किया गया जिससे ब्रांड खत्म हो गया।

बड़े प्लेयर्स से मुकाबले की तैयारी नहीं थी

  • Amazon और Flipkart ने छोटे शहरों में एंट्री लेते ही मार्केट कब्जाना शुरू कर दिया।
  • सीख: कॉम्पिटिशन कब बदल जाए, हमेशा तैयार रहें।

अंदरूनी विवाद ने कंपनी को कमजोर किया

  • संदीप अग्रवाल पर आरोप और उनका बाहर होना।
  • को-फाउंडर्स के बीच टकराव।
  • निवेशकों का भरोसा डगमगाना।
  • सीख: टीम में भरोसा टूटे तो बिजनेस भी टिक नहीं पाता।

भरोसा खोना सबसे बड़ी हार होती है

  • एक बार जब ग्राहकों का भरोसा टूट गया, तो उन्हें वापस लाना मुश्किल हो गया।
  • सीख: ब्रांड की असली ताकत कस्टमर ट्रस्ट है, न कि सिर्फ प्राइस।

आखिरकार क्या हुआ ShopClues का?

लगातार गिरावट के बाद 2019 में ShopClues को सिंगापुर की Qoo10 ने खरीद लिया। $70–100 मिलियन में डील हुई। अगर आप नया बिजनेस शुरू कर रहे हैं, तो याद रखें प्राइस नहीं, भरोसा बिकता है। ग्रोथ नहीं, सस्टेनेबिलिटी जरूरी है। यही 5 सबक आपको अगला ShopClues बनने से बचा सकते हैं।