Why Share Market Fall Today: शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' साबित हुआ! सेंसेक्स में करीब 2500 पॉइंट्स की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपए एक झटके में डूब गए। जानिए बाजार में आई गिरावट के सबसे बड़े 5 कारण क्या हैं... 

Stock Market Crash Today Reasons: अगर आप आज अपना पोर्टफोलियो देखकर परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। गुरुवार, 19 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में ऐसा 'भूकंप' आया कि पिछले तीन दिनों की सारी कमाई एक झटके में साफ हो गई। सेंसेक्स करीब 2,497 पॉइंट गिरकर 74,207 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 776 पॉइंट फिसलकर 23,000 के स्तर पर आ गया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, छोटे और मंझोले शेयरों की भी जमकर कुटाई हुई। मिडकैप इंडेक्स 3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.6% तक टूट गए। बाजार की इस सुनामी में निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपए डूब गए। आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया? आइए जानते हैं...

शेयर बाजार गिरने के 5 सबसे बड़े कारण

1. अमेरिका-ईरान जंग हुई और भी खतरनाक

सबको उम्मीद थी कि जंग जल्द खत्म होगी, लेकिन हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान के गैस प्लांट पर हमले के बाद वहां के राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि इसके नतीजे पूरी दुनिया को भुगतने होंगे। दोनों तरफ से एनर्जी प्लांट को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया का मार्केट डरा हुआ है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में आग

जंग की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 118 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत के लिए यह बहुत बुरी खबर है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदते हैं। तेल महंगा होने का सीधा मतलब है महंगाई बढ़ना और कंपनियों का मुनाफा कम होना।

3. HDFC बैंक में चेयरमैन का इस्तीफा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, HDFC Bank में मचे घमासान ने आग में घी का काम किया। बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के अंदर कुछ ऐसा हो रहा था जो उनके सिद्धांतों के खिलाफ था। इस खबर के बाद HDFC के शेयर 8% तक गिरकर अपने एक साल के निचले स्तर (₹772) पर आ गए।

4. अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) का झटका

अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की। पहले उम्मीद थी कि इस साल दो बार दरें कम होंगी, लेकिन अब लग रहा है कि शायद एक ही बार कटौती हो या वो भी न हो। इससे निवेशकों को लगा कि अभी 'सस्ते लोन' का दौर वापस आने में वक्त लगेगा।

5. रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 92.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी निवेशक (FIIs) अपना पैसा निकालकर भागने लगते हैं, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है और इसे निवेश की सलाह (Investment Advice) न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर (SEBI Registered Advisor) से सलाह जरूर लें।