Anjali Sardana Success Story: कॉलेज खत्म होते ही अंजली सरदाना ने Pronto स्टार्टअप शुरू किया और सिर्फ 1 साल में इसे 100 मिलियन डॉलर वैल्यू तक पहुंचा दिया। जानिए कैसे एक छोटे आइडिया ने बड़ा बिजनेस बना दिया।

Anjali Sardana Success Story in Hindi: आमतौर पर कॉलेज खत्म होने के बाद ज्यादातर लोग अपने करियर को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं। लेकिन अंजली सरदाना ने इस समय को मौके में बदल दिया। सिर्फ एक साल के अंदर उन्होंने अपनी कंपनी प्रोंटो को करीब 100 मिलियन डॉलर वैल्यू तक पहुंचा दिया। गुरुग्राम के एक छोटे से हब से शुरू हुई यह कंपनी अब कई बड़े शहरों में फैल चुकी है और रोजाना हजारों बुकिंग संभाल रही है।

पढ़ाई में टॉपर, लेकिन सोच बिजनेस वाली

अंजली ने 2024 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी में टॉप रैंक के साथ ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में तो वह शानदार थीं ही, लेकिन असल में उनका झुकाव फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट की तरफ था। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने यूनिवर्सिटी के बड़े फंड्स को समझा, मार्केट का एनालिसिस किया और फाइनेंशियल मॉडलिंग सीखी। इसके अलावा उन्होंने मॉर्गन स्टेनली, 8वीसी और बैन कैपिटल जैसी बड़ी कंपनियों में काम करके निवेश की दुनिया को करीब से समझा। यही वजह रही कि जब उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू किया, तो उनके पास पहले से साफ विजन था।

एक आम समस्या से निकला बड़ा आइडिया

2025 की शुरुआत में अंजली ने प्रोंटो लॉन्च किया। उन्होंने उस समस्या को चुना, जो हर घर में होती है, घरेलू काम के लिए भरोसेमंद मदद मिलना। भारत में यह सेक्टर अभी भी काफी हद तक अनऑर्गनाइज्ड है। कभी कामवाली नहीं आती, कभी सही इंसान नहीं मिलता। इसी दिक्कत को हल करने के लिए प्रोंटो सामने आया। इस ऐप के जरिए लोग सफाई, बर्तन धोने और कपड़े धोने जैसे कामों के लिए ट्रेन किए हुए वर्कर्स बुक कर सकते हैं। खास बात ये है कि कई मामलों में सर्विस सिर्फ 10 मिनट के अंदर मिल जाती है।

170 से 18,000 बुकिंग तक का सफर

शुरुआत में प्रोंटो गुरुग्राम के एक हब से रोज करीब 170 बुकिंग करता था। लेकिन कुछ ही महीनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ गया। 2026 की शुरुआत तक कंपनी रोज़ 18,000 से ज्यादा बुकिंग करने लगी। अब यह दिल्ली NCR, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी काम कर रही है।

महिलाओं के लिए नए मौके, तेजी से आया निवेश, बढ़ी वैल्यू

प्रोंटो की खास बात यह भी है कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को ट्रेनिंग देकर काम दिया जा रहा है। इससे उन्हें एक स्थिर और सम्मानजनक कमाई का मौका मिल रहा है। जैसे-जैसे कंपनी की ग्रोथ दिखने लगी, निवेशकों ने भी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी। मार्च 2026 में प्रोंटो ने 25 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। इससे पहले 2025 में भी कंपनी 11 मिलियन डॉलर उठा चुकी थी। इसी के साथ इसकी वैल्यू करीब 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई।

सिर्फ आइडिया नहीं, तैयारी भी बनी ताकत

कई स्टार्टअप्स सिर्फ आइडिया पर टिके रहते हैं, लेकिन अंजली की कहानी अलग है। उन्होंने पहले ही समझ लिया था कि निवेशक कैसे सोचते हैं, कंपनी को कैसे स्केल किया जाता है और सही समय पर फैसले कैसे लिए जाते हैं। यही वजह है कि प्रोंटो ने इतनी तेजी से ग्रोथ हासिल की।

बदल रहा है घरेलू सर्विस का पूरा खेल

प्रोंटो सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि यह भारत के अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि इस सेक्टर में कई कंपनियां आईं, लेकिन इतनी तेजी से स्केल करना हर किसी के बस की बात नहीं। अंजली का मकसद साफ है, हर घर तक भरोसेमंद सर्विस पहुंचाना और लोगों को स्थायी रोजगार देना।