कार्तिक मोदी नाम के एक इंडियन टेकी ने अपनी वायरल पोस्ट में बताया है कि कैसे उन्होंने भारत में रहते हुए 1.8 करोड़ रुपये की विदेशी नौकरी हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा फॉर्मूला शेयर किया है।

सोशल मीडिया पर एक भारतीय टेकी की कहानी खूब वायरल हो रही है, जिसने अपने घर पर बैठे-बैठे 1.8 करोड़ रुपये की विदेशी नौकरी हासिल कर ली। कार्तिक मोदी नाम के इस नौजवान ने इंस्टाग्राम पर अपनी पूरी कहानी शेयर की है। खास बात यह है कि विदेश में बिना किसी बड़े नेटवर्क या जान-पहचान के उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है। कार्तिक फिलहाल एमेजॉन में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर हैं। इससे पहले वह माइक्रोसॉफ्ट और उबर जैसी बड़ी कंपनियों में भी काम कर चुके हैं।

कार्तिक ने एक तय लक्ष्य के साथ अपनी तैयारी शुरू की। सबसे पहले, उन्होंने 25-30 ऐसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की लिस्ट बनाई जो वीजा स्पॉन्सरशिप देती हैं। इसके लिए उन्होंने LinkedIn, Indeed, और Levels.fyi जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया। इसके बाद, उन्होंने करीब 40 कंपनियों के जॉब डिस्क्रिप्शन को स्टडी किया और उन स्किल्स की पहचान की जो 60% से ज्यादा कंपनियां मांग रही थीं। इसी आधार पर उन्होंने तैयारी के लिए एक 'प्रेपरेशन रोडमैप' बनाया।

यह प्लान 10-12 हफ्तों का था। पहले 5 हफ्ते उन्होंने डेटा स्ट्रक्चर्स पर फोकस किया और बाकी का समय सिस्टम डिजाइन और बिहेवियरल ट्रेनिंग के लिए रखा। हजारों सवाल हल करने के बजाय, उन्होंने सबसे जरूरी 100 सवालों को चुना और उनके पैटर्न को समझने पर ध्यान दिया। इंटरव्यू में मदद मिले, इसके लिए वह जवाबों को जोर-जोर से बोलकर प्रैक्टिस करते थे।

 

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इन सबके अलावा, उन्होंने पारंपरिक भारतीय रिज्यूमे फॉर्मेट को छोड़कर एक पेज का शानदार रिज्यूमे तैयार किया। इसमें उन्होंने अपने किए गए प्रोजेक्ट्स से पड़े असर को साफ-साफ बताया। कार्तिक कहते हैं, 'कोई शॉर्टकट नहीं है, बस सही प्लानिंग और उसे पूरा करने की लगन होनी चाहिए।' शुरुआत में उन्हें यह नौकरी रिमोट मिली थी, लेकिन बाद में कार्तिक यूके शिफ्ट हो गए।