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UPSC Success Story: हेल्दी फूड व हेल्दी लिविंग बहुत जरूरी...UPSC 2020 क्लियर करने वाले वैभव ने बताए Do &Don'ts

वैभव का कहना है कि परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की बहुत जगह बहुत ज्याद इनवाल्वमेंट (भागीदारी) नहीं होनी चाहिए। यदि उनकी फ्रेंड सर्किल ज्यादा रहेगी तो कमिटमेंट ज्यादा बढेंगे। बहुत ज्यादा मैटेरियल फॉलो नहीं करें। स्रोत सीमित रखें और उसे बार बार रिवाइज करें।

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New Delhi, First Published Nov 4, 2021, 9:00 AM IST
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करियर डेस्क. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा क्वालीफाई करना काफी टफ होता है। तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ-साथ कई तरह की बातों पर भी फोकस करते हैं। बिना रणनीति के UPSC का एग्जाम क्लियर नहीं किया जा सकता है। वैभव जिंदल (Vaibhav Jindal) ने  की UPSC 2020 में 253वीं रैंक आयी है। उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैटगरी मिलने की उम्मीद है। वैभव का कहना है कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी अपने आप में एक लर्निंग अनुभव है। तैयारी ही मानसिक और शारीरिक स्तर पर ट्रेनिंग है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) के नतीजे 24 सितंबर, 2021 को जारी किए गए। फाइनल रिजल्ट (Final Result) में कुल 761 कैंडिडेट्स को चुना गया। Asianetnews Hindi संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) में सिलेक्ट हुए 100 कैंडिडेट्स की सक्सेज जर्नी (Success Journey) पर एक सीरीज चला रहा है। इसी कड़ी में हमने वैभव से बातचीत की। आइए जानते हैं वैभव ने UPSC की तैयारी करने वालों के लिए कौन से Do &Don'ts बताए। 
 

सब चीजें आपके नियंत्रण में नहीं 
उनका कहना है कि यूपीएससी में कई चीजें आपकी नियंत्रण में नहीं होती है। यहां भाग्य और अन्य फैक्टर (कारकों) का बड़ा महत्व होता है। इस बार वैकल्पिक विषय में कॉमर्स में उच्चतम अंक 67 तक गए। जबकि बाकी विषयों के अंक 320 के आस पास तक गएं। यह सब चीजें आपके नियंत्रण में नहीं है लेकिन असफलता मिलने पर अपनी काबिलियत का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए।

कई तरह के सुझाव से होते हैं कन्फयूज
उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं की बहुत जगह बहुत ज्याद इनवाल्वमेंट (भागीदारी) नहीं होनी चाहिए। यदि उनकी फ्रेंड सर्किल ज्यादा रहेगी तो कमिटमेंट ज्यादा बढेंगे। बहुत ज्यादा मैटेरियल फॉलो नहीं करें। स्रोत सीमित रखें और उसे बार बार रिवाइज करें। वैसे अगर आप देखेंगे तो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्र हैं तो आपको लाखों राय मिल जाएगी कि कैसे तैयारी करनी है। जो भी करें अपनी दृष्टिकोण का इस्तेमाल कर करें। कई बार कई लोगों के कई सुझाव होते हैं तो हम कन्फयूज हो जाते हैं। क्या करें और क्या नहीं करें? उससे बचें।

मानसिक और शारीरिक स्तर पर ट्रेनिंग
वैभव का कहना है कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी अपने आप में एक लर्निंग अनुभव है। तैयारी ही मानसिक और शारीरिक स्तर पर ट्रेनिंग है। आदमी एक सही आफिसर इसी जर्नी में ही बन पाता है। उनका कहना है कि जब आप कई बार असफलता का सामना करते हैं। तब आपको पता चलता है कि आपको कैसे लोगों से जुड़ना चाहिए। जिनसे आप अपनी बात शेयर कर सकें, जिससे आपका मानसिक तनाव कम हो। जब पहले अटेम्पट में उनका मेंस क्लियर नहीं हुआ और दूसरे अटेम्पट में उनका प्रीलिम्स तक क्लियर नहीं हुआ, तब उन्होंने जीवन में पहली बार असफलता का सामना किया था तब उन्हें यह एहसास हुआ था।

हेल्दी फूड व हेल्दी लीविंग बहुत जरूरी
परीक्षा की तैयारी में जरूरी है कि आप 8 से 10 घंटे ही पढ़ाई करें पर कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ाई करें और अपने साथ परिवार, दोस्तों व मेंटर्स का सहयोग बनाए रखें। तैयारी के दौरान हेल्दी फूड व हेल्दी लीविंग (स्वस्थ भोजन व स्वस्थ जीवन) बहुत जरूरी है। कई बच्चे बाहर रहकर तैयारी करते हैं। यदि आप स्वस्थ नहीं रहेंगे और बार-बार बीमार पड़ेंगे तो आपकी तैयारी पर इसका असर पड़ेगा। अपने प्रयासों पर विश्वास रखें। परिणाम पर आपका वश नहीं होता। यदि आपने प्रयास सही किया है तो परिणामों से आपको घबराने की जरूरत नहीं है। 

खुद को हमेशा करते रहें मोटिवेट
वैभव का कहना है कि सफलता मेरी पहचान से जुड़ी थी। स्कूल से लेकर कॉलेज तक मैंने कभी असफलता नहीं देखी थी। जब वह अपने गांव से निकलते थे तो पूरा गांव उन्हें देखता था कि यह लड़का कुछ बनकर आएगा। उनका कहना है कि यदि वह असफल हो जाते तो उनके गांव व परिवार के छोटे बच्चे सपना देखना ही छोड़ देते। वह कहते कि जब स्कूल, कॉलेज में इतना सफल व्यक्ति कुछ नहीं कर पाया तो हम लोग कैसे कर पाएंगे। वह उन्हें हतोत्साहित नहीं कर सकते थे। उनका परिवार चाहता था कि वह कुछ अच्छा करें, अच्छा पद प्राप्त करें। वह जब उनकी उम्मीदों को याद करते थे तो वह हमेशा उनको मोटिवेट होने में सहायता करती थी।

निराश नहीं होना चाहिए
वैभव कहते हैं कि दूसरे अटेम्पट में जब वह प्रीलिम्स में भी असफल रहें तो उस समय काफी निराश हुए थे कि अब क्या होगा? उस समय उन्होंने एक कोचिंग में कुछ दिन काम किया। वहां वह कापियां चेक करते थे। तब उन्हें लगा कि नहीं वह सफल हो सकते हैं। उससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा उस काम से उनकी कुछ कमाई हुई जो उनके काम आई।

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