Software Engineer Fired After Joining: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का रेडिट पोस्ट वायरल हो रहा है। पोस्ट में उन्होंने बताया कि कैसे ऑफर लेटर मिलने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी, लेकिन नई जॉइनिंग के दूसरे दिन ही उन्हें निकाल दिया गया।

Fired on Second Day of Job: एक सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी से जुड़ी कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। कर्मचारी का दावा है कि उसे कंपनी में सभी इंटरव्यू राउंड पास करने और ऑफर लेटर मिलने के बाद नौकरी जॉइन कराई गई, लेकिन जॉइनिंग के दूसरे ही दिन उसे यह कहकर निकाल दिया गया कि उसका कल्चर/पर्सनैलिटी असेसमेंट कंपनी की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद कॉर्पोरेट हायरिंग प्रक्रिया, पर्सनैलिटी टेस्ट और कर्मचारियों के साथ पेशेवर व्यवहार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

पुरानी कंपनी से इस्तीफा देकर ज्वाइन की थी नई नौकरी

पोस्ट के मुताबिक, उम्मीदवार ने कंपनी के सभी इंटरव्यू सफलतापूर्वक पूरे किए थे। ऑफर जारी होने से पहले उससे एक कल्चर या पर्सनैलिटी असेसमेंट भी कराया गया, जिसमें व्यक्तित्व, व्यवहार, टीम में काम करने की शैली और अलग-अलग परिस्थितियों में प्रतिक्रिया से जुड़े सवाल पूछे गए। उम्मीदवार ने ईमानदारी से सभी जवाब दिए और इसके बाद उसे ऑफर लेटर मिल गया।

नौकरी मिलने के बाद उसने अपनी पुरानी कंपनी से इस्तीफा दिया, गुरुग्राम शिफ्ट हुआ, पीजी में कमरा लिया और नई नौकरी जॉइन कर ली। पहले दिन टीम से परिचय कराया गया और सामान्य ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी हुई। लेकिन दूसरे दिन HR ने अचानक मीटिंग के लिए बुलाया और तत्काल प्रभाव से नौकरी समाप्त करने की जानकारी दे दी।

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'न्यूट्रल पर्सनैलिटी' बनी वजह?

कर्मचारी का दावा है कि बाद में उसके एक पूर्व सहयोगी ने बताया कि कंपनी के भीतर उसके असेसमेंट का रिजल्ट "Neutral Personality" बताया गया था, जबकि कंपनी कथित तौर पर अधिक एक्स्ट्रोवर्ट कर्मचारियों को प्राथमिकता देती थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल रेडिट पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए ये सवाल

इस घटना के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि असेसमेंट पहले ही पूरा हो चुका था, तो ऑफर लेटर जारी करने, उम्मीदवार से पुरानी नौकरी छोड़वाने, दूसरे शहर बुलाने और ऑनबोर्डिंग कराने के बाद कार्रवाई क्यों की गई। कुछ लोगों ने इसे बेहद गैर-पेशेवर बताया, जबकि कुछ यूजर्स का मानना था कि इसके पीछे बजट, हायरिंग प्लान में बदलाव या किसी अन्य आंतरिक कारण की भी संभावना हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों ने प्रभावित कर्मचारी को कानूनी सलाह लेने और अपने अधिकारों की जानकारी जुटाने की भी सलाह दी।