Firing Employee in Front of Her Mother: सोशल मीडिया पर एक मैनेजर का पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उसने बताया कि कैसे 33 साल की कर्मचारी को उसकी मां के सामने उसे नौकरी से निकालना पड़ा।

Manager Viral Post: किसी कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कहना किसी भी मैनेजर के लिए आसान काम नहीं होता। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी में प्रोबेशन से जुड़ी एक मीटिंग ने ऐसा मोड़ ले लिया कि मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। एक नए मैनेजर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि प्रोबेशन पूरा होने से पहले कर्मचारी को नौकरी जारी न रखने की जानकारी देना उनके करियर की सबसे मुश्किल बातचीत बन गई।

कर्मचारी प्रोबेशन पास नहीं कर पाई

मैनेजर ने बताया कि उनकी टीम की एक 33 साल की असिस्टेंट कर्मचारी करीब छह महीने से कंपनी में काम कर रही थी। हालांकि वह खुद सिर्फ दो महीने पहले ही उसके मैनेजर बने थे। प्रोबेशन खत्म होने वाला था और कंपनी ने तय किया कि कर्मचारी प्रोबेशन पास नहीं कर पाई है। इसके बाद HR की सलाह पर समीक्षा बैठक तय की गई।

मीटिंग से पहले ही कर्मचारी ने कर दिया इनकार

मैनेजर के मुताबिक, मीटिंग का निमंत्रण भेजने के कुछ ही समय बाद कर्मचारी ने उसे अस्वीकार कर दिया। ईमेल में उसने साफ लिखा कि वह इस बातचीत का हिस्सा नहीं बनना चाहती। जब मैनेजर ने व्यक्तिगत रूप से बात करने की कोशिश की तो कर्मचारी ने ऊंची आवाज में विरोध किया और बिना बातचीत किए ऑफिस से बाहर चली गई। स्थिति बिगड़ने पर HR टीम को बीच में आना पड़ा। कुछ देर बाद कर्मचारी वापस तो आई, लेकिन उसने दोबारा मीटिंग टालने की बात कही। इसके बाद HR प्रमुख ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने उनसे भी बातचीत से इनकार कर दिया और गुस्से में वहां से चली गई।

आखिरकार सोमवार को तय हुई मीटिंग, मां बनीं 'सपोर्ट पर्सन'

बाद में ईमेल और मैसेज के जरिए दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि मीटिंग सोमवार को होगी। इसी दौरान कर्मचारी ने बताया कि वह अपने साथ अपनी मां को "सपोर्ट पर्सन" के रूप में लेकर आएगी। 33 साल की कर्मचारी द्वारा अपनी मां को साथ लाने की बात सुनकर मैनेजर ने माना कि यह उनके लिए काफी असामान्य स्थिति थी, खासकर इसलिए क्योंकि यह उनके मैनेजमेंट करियर की पहली बर्खास्तगी से जुड़ी प्रक्रिया थी। नीचे देखें वायरल पोस्ट-

ऑस्ट्रेलिया के कार्यस्थलों में क्या है नियम?

इस घटना पर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या कर्मचारी को केवल ईमेल भेजकर नौकरी समाप्त नहीं की जा सकती थी। इस पर मैनेजर ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी की नीति के अनुसार प्रोबेशन समाप्त करने या नौकरी खत्म करने से पहले औपचारिक बैठक करना जरूरी है। कई ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स ने भी बताया कि वहां नौकरी से संबंधित महत्वपूर्ण एचआर मीटिंग जैसे टर्मिनेशन, रेडंडेंसी या शो-कॉज नोटिस के दौरान कर्मचारी को एक "सपोर्ट पर्सन" साथ लाने की अनुमति देना सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, यह भी कहा गया कि सपोर्ट पर्सन का काम केवल कर्मचारी को भावनात्मक सहयोग देना होता है, वह बातचीत में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

मैनेजर की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों का कहना था कि नौकरी से निकाले जाने जैसी तनावपूर्ण स्थिति में कोई भी व्यक्ति अपने भरोसेमंद परिवार के सदस्य को भावनात्मक सहारे के लिए साथ ला सकता है। वहीं कई यूजर्स का मानना था कि पेशेवर माहौल में इस तरह अपनी मां को साथ लाना असामान्य जरूर है, लेकिन यदि कंपनी की नीति इसकी अनुमति देती है तो इसमें आपत्ति की बात नहीं है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे कार्यस्थल पर प्रोबेशन प्रक्रिया, कर्मचारी के व्यवहार, HR की भूमिका और कठिन परिस्थितियों में पेशेवर संवाद बनाए रखने जैसे मुद्दों पर नई बहस छिड़ गई है।