Haldwani Shuddhikaran Controversy: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए 'शुद्धिकरण' पर बवाल बढ़ गया है। कांग्रेस इसे जातीय अपमान बता रही है, वहीं आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने इसे सिर्फ गंदगी की सफाई बताया है।

Mallikarjun Kharge: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, कार्यक्रम के आयोजक ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे मैदान की सफाई और धार्मिक परंपरा से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया बताया है।

आयोजक बोले- मैदान को फिर से पवित्र किया गया

श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि शुद्धिकरण का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं था। उनके मुताबिक, रैली के बाद मैदान में कथित तौर पर गंदगी रह गई थी, जिसे साफ करने के बाद धार्मिक विधि के जरिए जगह को दोबारा पवित्र किया गया।

‘शराब की बोतलें और गंदगी मिली’

गिरीश चंद्र पांडे ने ANI से बातचीत में दावा किया कि मंच के आसपास शराब की बोतलें, पेशाब, पान की पीक और कई तरह के रैपर जैसी चीजें मिली थीं। उन्होंने कहा कि पहले पूरे स्थान की सफाई की गई और इसके बाद यज्ञ कर मैदान को धार्मिक कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसे किसी राजनीतिक या जातिगत उद्देश्य से जोड़ना गलत है।

राहुल गांधी के बयान पर आयोजक का पलटवार

पांडे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पूरे मामले की जानकारी नहीं है और इसी वजह से उन्होंने शुद्धिकरण को लेकर टिप्पणी की है। आयोजक ने कांग्रेस पर इस घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया।

राहुल गांधी ने बताया था ‘छुआछूत’ जैसा

दरअसल, राहुल गांधी ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण की निंदा करते हुए इसे छुआछूत की प्रथा के बराबर बताया था। उन्होंने कहा था कि देश के कई हिस्सों में दलित समुदाय को आज भी इस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया।

SC/ST एक्ट के तहत FIR की मांग

राहुल गांधी ने उत्तराखंड में शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कानून का उल्लंघन है और इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल FIR दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की।

‘सरकार का कर्तव्य है कि न्याय मिले’

राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई का आदेश दिया जाए और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को उत्तराखंड में न्याय मिले।

सफाई या भेदभाव? आमने-सामने कांग्रेस और आयोजक

पूरे विवाद में अब दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आयोजक इसे धार्मिक परंपरा के तहत सफाई और शुद्धिकरण बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ रही है। फिलहाल बयानबाजी के बीच यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में तूल पकड़ता जा रहा है।