केतन अग्रवाल हत्याकांड पर टिप्पणी के बाद राहुल रवींद्रन और चिन्मयी श्रीपदा को ट्रोल किया जा रहा है। बच्चों को निशाना बनाए जाने पर दोनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
Chinmayi Sripada on Trollers: केतन अग्रवाल की कथित तौर पर उनकी मंगेतर सिया गोयल द्वारा हत्या किए जाने की खबर सामने आने के बाद फिल्ममेकर और एक्टर राहुल रवींद्रन ने इस घटना को पुरुषों से जुड़ी किसी व्यापक या सिस्टम आधारित समस्या मानने से इनकार किया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें और उनकी पत्नी, सिंगर चिन्मयी श्रीपदा को निशाना बनाना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि कुछ ट्रोलर्स ने उनके 3 साल के बच्चों के लिए भी आपत्तिजनक बातें लिखीं और उनकी मौत की कामना तक की।

चिन्मयी श्रीपदा ने 7 मिनट के वीडियो में सुनाई आपबीती
लगातार हो रही ट्रोलिंग से परेशान होकर राहुल रवींद्रन ने X (पहले ट्विटर) छोड़ने का फैसला किया। वहीं, चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया पर सामने आकर ट्रोलर्स की कड़ी आलोचना की। चिन्मयी श्रीपदा ने X पर करीब 7 मिनट का एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने बताया कि वह और उनका परिवार कई वर्षों से ऑनलाइन ट्रोलिंग और दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ लोगों ने उनके 3 साल के बेटे की मौत की कामना की। चिन्मयी के मुताबिक, राहुल रवींद्रन का सब्र तब टूट गया, जब उन्होंने एक ऐसी पोस्ट देखी, जिसमें उनके बेटे की मौत के लिए प्रार्थना करने की बात लिखी गई थी। इतना ही नहीं, उस पोस्ट में दूसरे लोगों से भी ऐसा करने की अपील की गई थी। चिन्मयी ने कहा कि यह सब केवल इसलिए हुआ क्योंकि कुछ लोग अपने गुस्से और भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाए।
'बच्चों को निशाना बनाना हर सीमा पार करना है'
वीडियो में चिन्मयी श्रीपदा ने रेप कल्चर, महिलाओं के प्रति नफरत, यौन उत्पीड़न और सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अपशब्द कहना आज आम बात बन चुकी है, लेकिन किसी के छोटे बच्चों को इस तरह निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। वीडियो के अंत में उन्होंने उन लोगों को संबोधित किया जिन्होंने उनके जुड़वां बच्चों श्रावस और द्रिप्तह के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखीं। उन्होंने कहा कि जो लोग बच्चों के खिलाफ ऐसी बातें करते हैं, उनके लिए वह किसी अच्छी चीज की कामना नहीं कर सकतीं।
स्क्रीनशॉट शेयर कर ट्रोलर्स पर साधा निशाना
बुधवार को चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया पर उन संदेशों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जो कथित तौर पर ट्रोलर्स की ओर से उनके परिवार को भेजे गए थे। उन्होंने लिखा कि कुछ तेलुगु सोशल मीडिया यूजर्स उनके बच्चों के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल रवींद्रन ने कुछ दिन पहले X इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें एक ऐसा पोस्ट दिखा जिसमें उनके बेटे की मौत की कामना की गई थी। चिन्मयी ने बताया कि उनके तीन साल के जुड़वां बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनका कहना था कि जब भी वह महिलाओं के अधिकारों या ऐसे मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं, तब कुछ लोग उनके परिवार को निशाना बनाते हैं।
'ऐसे लोगों को सोशल मीडिया पर जगह नहीं मिलनी चाहिए'
चिन्मयी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग मासूम बच्चों के प्रति इस तरह की हिंसक सोच रखते हैं, उन्हें वह गंभीर मानसिकता की समस्या वाला मानती हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से अपने अकाउंट हटाने की अपील भी की।
राहुल रवींद्रन ने क्यों छोड़ा X?
पिछले महीने राहुल रवींद्रन ने भी अपने बच्चों को लगातार निशाना बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा कि हो सकता है लोग उनकी बातों से सहमत न हों, लेकिन जिस तरह उनके बच्चों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही थी, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। राहुल ने कहा कि एक खास पोस्ट पढ़ने के बाद करीब आधे घंटे तक वह खुद को सामान्य महसूस नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी लिखा कि वह नहीं चाहते कि सोशल मीडिया उनकी मानसिक शांति पर इस तरह असर डाले। इसी वजह से उन्होंने अपने फोन से X (पहले ट्विटर) ऐप हटाने और प्लेटफॉर्म छोड़ने का फैसला किया।
क्या है पूरा मामला?
केतन अग्रवाल मर्डर केस के बाद X पर एक यूजर ने डायरेक्टर राहुल रविंद्रन की तेलुगु फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' का एक सीन शेयर किया। यूजर ने दावा किया कि ऐसी फिल्में महिलाओं के पक्ष से जुड़ी कुछ कहानियां तो दिखाती हैं, लेकिन पुणे मर्डर केस जैसी घटनाओं को नजरअंदाज कर देती हैं। इस पोस्ट के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ यूजर्स ने पुरुषों पर अत्याचार को लेकर उन्हें फिल्म बनाने की सलाह दी। इस टिप्पणी के बाद राहुल रविंद्रन ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया पर जवाब दिया।
राहुल रविंद्रन ने क्या कहा?
राहुल रविंद्रन ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह ऐसी महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों की घटनाएं भी देखते हैं, जो समाज-विरोधी मानसिकता (सोशियोपैथिक) के कारण जघन्य अपराध करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी ओर वह एक ऐसे सामाजिक ढांचे को भी देखते हैं, जो लंबे समय से महिलाओं को बराबरी का अवसर नहीं देता। उनके अनुसार, रोजमर्रा के व्यवहार, अनदेखी और छोटी-छोटी टिप्पणियों (माइक्रो-एग्रेशन) के जरिए कई महिलाओं की पहचान और स्वतंत्रता सीमित होती है। राहुल ने लिखा कि यही उनका व्यक्तिगत नजरिया है और उन्होंने अपने आसपास कई महिलाओं को ऐसी परिस्थितियों में चुपचाप तकलीफ सहते देखा है। राहुल रविंद्रन का यह जवाब सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट को लेकर बहस तेज हो गई। कई यूजर्स ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कई अन्य लोगों ने उनकी आलोचना की। इसके बाद X पर राहुल रविंद्रन को लेकर ट्रोलिंग भी शुरू हो गई।


