2026 में हनुमान अंश इतिहास रचा है। ऐसा ही कारनामा 2025 में भी एक फिल्म ने किया था, जिसका बजट हनुमान अंश से आधे से भी कम था। लेकिन कमाई के मामले में 100 करोड़ के पार पहुंची थी।

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों 'हनुमान अंश' चर्चा का विषय बनी हुई है। सिर्फ 1.8 करोड़ रुपए में बनी यह फिल्म 100 करोड़ क्लब में पहुंच चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा ही कारनामा 2025 में भी एक फिल्म ने किया था। खास बात है कि इस फिल्म का बजट 'हनुमान अंश' के मुकाबले आधे से भी कम था। बावजूद इसके यह 100 करोड़ क्लब में एंट्री लेने में कामयाब हुई थी। हम बात कर रह हैं गुजराती फिल्म ‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ की, जो महज 50 लाख रुपए में बनी थी और पहले दिन इसने सिर्फ 2 लाख रुपए का कलेक्शन किया था। लेकिन पॉजिटिव माउथ पब्लिसिटी की वजह से यह 104 दिन से ज्यादा समय तक थिएटर्स में लगी रही थी और ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हुई थी।

‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ ने कितनी कमाई की?

सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 114.75 करोड़ रुपए ग्रॉस और 97.07 करोड़ रुपए नेट कलेक्शन किया था। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 122.25 करोड़ रुपए तक पहुंचा। इस प्रदर्शन के साथ यह गुजराती सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुई और दुनियाभर में 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली गुजराती फिल्म बनी।

‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ को कैसे मिली रफ्तार?

रिलीज के वक्त फिल्म को जबरदस्त स्क्रीन या बड़ा प्रमोशनल पुश नहीं मिला था। शुरुआत में इसे भी दर्शकों तक पहुंच बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। लेकिन पॉजिटिव रिस्पॉन्स और वर्ड ऑफ माउथ ने तीसरे हफ्ते से सिनेमाघरों में इसकी डिमांड बढ़ा दी। धीरे-धीरे शो बढ़े और फिल्म को स्लीपर हिट का टैग मिला। यहां तक कि इसने विक्की कौशल की ‘छावा’ जैसी बड़ी फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया था। 10 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुई इस फिल्म ने असली रफ़्तार चौथे हफ्ते से पकड़ी थी। फिल्म का वीकवाइज कलेक्शन इस प्रकार रहा था : -

  • पहला हफ्ता : 33 लाख रुपए
  • दूसरा हफ्ता : 27 लाख रुपए
  • तीसरा हफ्ता : 62 लाख रुपए
  • चौथा हफ्ता: 12.08 करोड़ रुपए
  • पांचवां हफ्ता : 25.70 करोड़ रुपए
  • छठा हफ्ता : 24.40 करोड़ रुपए
  • सातवां हफ्ता : 15.70 करोड़ रुपए
  • आठवां हफ्ता : 8.50 करोड़ रुपए
  • नौवां हफ्ता : 4.15 करोड़ रुपए
  • दसवां हफ्ता : 2.15 करोड़ रुपए
  • ग्यारहवां हफ्ता : 1.05 करोड़ रुपए
  • बारहवां हफ्ता : 69 लाख रुपए
  • तेरहवां हफ्ता : 33 लाख रुपए
  • चौदहवां हफ्ता : 79 लाख रुपए
  • पंद्रहवां हफ्ता : 35 लाख रुपए

टोटल नेट कलेक्शन : 97.07 करोड़ रुपए

‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ की कहानी क्या है?

कहानी लालो नाम के एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर की है, जिसकी जिंदगी परेशानियों से भरी है। परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेमिका से शादी करने के बाद वह अपनी छोटी-सी दुनिया बसाता है और बेटी का पिता बनता है। एक हादसे के बाद उसे पांच लाख रुपए की जरूरत पड़ती है और कर्ज लेने के बाद उसकी जिंदगी गलत दिशा में जाने लगती है।

फिल्म में भगवान कृष्ण की क्या भूमिका है?

मुश्किलों में फंसा लालो चोरी के इरादे से एक फार्महाउस में पहुंचता है, लेकिन वहां करंट लगने के बाद कई दिनों तक फंसा रहता है। इसी दौरान उसके जीवन में भगवान कृष्ण का आध्यात्मिक हस्तक्षेप होता है। खास बात यह है कि कृष्ण उसी इंसान के रूप में उसके सामने आते हैं, जिसे लालो पहले अपने रिक्शे में जूनागढ़ घुमा चुका होता है। यही मोड़ कहानी को भावनात्मक और आध्यात्मिक गहराई देता है।

‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ में कौन-कौन है?

फिल्म में रीवा राछ, श्रुहद गोस्वामी, करण जोशी, मिष्टी कडेचा, अंशू जोशी, किन्नल नायक, पारुल राज्यगुरु और जयदीप तिमानिया नजर आए। खास बात यह रही कि फिल्म की पहचान किसी बड़े स्टार के बजाय इसके कंटेंट और कलाकारों की परफॉर्मेंस से बनी। फिलहाल इसे सोनी लिव पर देखा जा सकता है।