चेन्नई के 2019 के एक्ट्रेस संध्या मर्डर केस में 11,700 टन कचरा खंगाला गया था। हाथ के दो टैटू से पहचान हुई और पति बालकृष्णन पर हत्या का आरोप लगा। सिर अब भी नहीं मिला है।
चेन्नई में 2019 में सामने आया एक हत्या का मामला लंबे समय तक पहचान की पहेली बना रहा। शहर के अलग-अलग हिस्सों से एक महिला के अवशेष मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी पहचान करना थी। सिर और एक हाथ नहीं मिलने से जांच और मुश्किल हो गई। पुलिस ने लापता लोगों की शिकायतों से लेकर बड़े पैमाने पर कचरे की तलाशी तक कई कोशिशें कीं, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। फिर महिला के बचे हुए हाथ पर बने दो टैटू जांच की सबसे अहम कड़ी बने। इन्हीं निशानों ने पुलिस को आखिरकार उसके परिवार तक पहुंचाया और केस की दिशा बदल दी। जानिए तमिल एक्ट्रेस संध्या मर्डर केस की कहानी…
क्या था 2019 का चेन्नई संध्या मर्डर केस?
2019 में चेन्नई के पल्लिकरनई डंपयार्ड के पास एक प्लास्टिक बैग से इंसानी उंगलियां दिखाई देने के बाद सनसनी फैल गई। जांच में पुलिस को एक कटा हुआ हाथ और पैर मिले। अगले कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों, जिनमें अड्यार नदी के आसपास के क्षेत्र भी शामिल थे, से हड्डियां और शरीर के अन्य हिस्से बरामद हुए। फॉरेंसिक जांच में सभी अवशेष एक ही महिला के होने की बात सामने आई। उसकी उम्र करीब 30 से 40 साल के बीच मानी गई। सिर और बायां हाथ नहीं मिलने से उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था।
पुलिस ने 11,700 टन कचरे में क्या खोजा?
पहचान और सबूत जुटाने के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस ने पल्लिकरनई डंपयार्ड में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया और कथित तौर पर करीब 11,700 टन कचरा खंगाला। इस दौरान महिला का धड़ और शरीर के कुछ अन्य हिस्से बरामद किए गए। इसके बावजूद सिर और बायां हाथ नहीं मिला। पुलिस ने तमिलनाडु में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जांच की और महिला की पहचान से जुड़े फोटो व विवरण भी प्रसारित किए, लेकिन शुरुआती प्रयासों से कोई पुख्ता मिलान नहीं हो सका।
दो टैटू ने कैसे खोला संध्या की पहचान का राज?
जांचकर्ताओं की नजर महिला के बचे हुए दाहिने हाथ पर बने दो टैटू पर गई। इनमें से एक में शिव और पार्वती की आकृति थी, जबकि दूसरा टैटू ड्रैगन का बताया गया। इसी दौरान थूथुकुडी में एक महिला पुलिस के पास पहुंची, जिसने अपनी बेटी के करीब तीन सप्ताह से संपर्क में नहीं होने की जानकारी दी थी। वह बेटी थी 37 वर्षीय संध्या, जो चेन्नई में अपने पति फिल्ममेकर बालकृष्णन और दो बच्चों के साथ रहती थीं। पुलिस ने परिवार को पहचान के निशान दिखाए तो संध्या की मां ने शिव-पार्वती वाला टैटू पहचान लिया। उन्होंने एक तिल और बरामद गहनों की भी पहचान की। बाद में डीएनए जांच ने पुष्टि कर दी कि अवशेष संध्या के ही थे।
संध्या के पति बालकृष्णन पर क्यों आया शक?
पहचान होने के बाद पुलिस ने संध्या के पति बालकृष्णन से पूछताछ शुरू की। जांच के अनुसार, उन्होंने संध्या के परिवार को बताया था कि वह 19 जनवरी 2019 को थूथुकुडी चली गई थीं। पुलिस को उनके बयान में कथित तौर पर कुछ विसंगतियां मिलीं। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक बालकृष्णन ने संध्या की हत्या की बात कबूल की। पुलिस का आरोप था कि चेन्नई स्थित घर में विवाद के बाद उन्होंने संध्या पर कुल्हाड़ी से हमला किया और फिर शव के टुकड़े कर उन्हें प्लास्टिक की बोरियों में भरकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।
जांच में घर से क्या-क्या सबूत मिले?
पुलिस ने कथित तौर पर दंपति के घर से खून के निशान, प्लास्टिक की बोरियां और वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले कथित हथियार को बरामद किया। जांच में सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की गई। इन सुरागों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संध्या की पहचान के बाद कथित घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की।
संध्या का सिर और बायां हाथ आज तक नहीं मिला?
तमाम तलाशी अभियानों और जांच के बावजूद संध्या का सिर और बायां हाथ बरामद नहीं हो सका। यही वजह है कि यह मामला आज भी अपनी भयावह परिस्थितियों के साथ याद किया जाता है। अगर बचे हुए हाथ पर बने दो खास टैटू नहीं होते, तो जांचकर्ताओं के लिए अज्ञात महिला की पहचान उसके परिवार तक पहुंचाना और भी मुश्किल हो सकता था।
