बर्गर खाने के साथ आप हमेशा फ्रेंच फ्राईज और कोल्ड ड्रिंक खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसको बनाने में इस्तेमाल होने वाली साम्रगी आपके लिए कैंसर का कारण बन सकती है।

नई दिल्ली। हमने हमेशा यही सुना है कि, सिगरेट, शराब और तंबाकू से कैंसर (Cancer) का खतरा होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, जो हम फास्ट फूड खाते हैं उसमें इस्तेमाल से हुई साम्रगी आपके लिए परेशानी पैदा कर सकती है। जिसमें से एक है कैंसर। आइए जानते हैं कि, कौन सी साम्रगी इसकी वजह बन सकती है।

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मैदा

आटे से दूसरी चीज़ें खासतौर से मैदा बनाने के लिए जब उसकी प्रोसेसिंग की जाती है जो उसे सफेद करने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जाता है जो कैंसर सेल्स के बढ़ने की वजह हो सकते हैं। मीठी चीज़ों के अलावा मैदे का भी ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है जो एकदम से शुगर का लेवल बढ़ा देता है। जिससे होने वाले खतरे से आप वाकिफ हैं ही।

रेड मीट

रेड मीट जिसमें बीफ से लेकर लैंब, पोर्क और गोट मीट शामिल होता है। प्रोसेस्ड मीट के स्वाद और लंबे समय तक फ्रेशनेस को बनाए रखने के लिए नमक, फर्मेंटेशन, स्मोक जैसी कई प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है। जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। इनके सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

कैन फूड्स

कैन की कोटिंग के लिए बहुत ही खतरनाक केमिकल जिसे BPA कहा जाता है का इस्तेमाल होता है जो हॉर्मोन्स को स्तर को तो बिगाड़ता ही है साथ ही कैंसर के रिस्क को भी बढा़ने का काम करता है।

पोटैटो चिप्स/ फ्रेंच फ्राइज़

आप जानते ही होंगे फ्रेंच फ्राइज और आलू के चिप्स को बनाने की प्रक्रिया जिसमें बहुत सारे तेल और नमक का इस्तेमाल होता है। नो डाउट ये खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। बच्चों तो बड़े ही शौक से इसे खाते हैं लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि ये नमक, अस्वास्थ्यकर वसा के साथ-साथ एक्रिलामाइड नामक एक रसायन से भरपूर होते हैं, जो बहुत ज्यादा तापमान पर पकाने से होता है। एक्रिलामाइड बॉडी में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा देने की संभावना बढ़ाता है।

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