आपने घरों में दो तरह की तुलसी देखी होगी? एक हरे पत्ते वाली और एक बैंगनी पत्ते वाली, क्या आप इन दोनों में अंतर जानते हैं और इनमें से कौनसी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है आइए हम आपको बताते हैं।

हेल्थ डेस्क : हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष महत्व होता है। यह सिर्फ एक पौधा नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल पूजा-पाठ में होता है। साथ ही यह कई सारे स्वास्थ्य लाभ भी देती है। आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए रामबाण माना गया है, क्योंकि यह कई गुणों से भरपूर होती है। आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाता है। यह प्रकार की जादुई जड़ी बूटी है। घरों में अक्सर दो तरह की तुलसी देखी जाती है, एक रामा तुलसी (Rama Tulsi) और एक श्यामा या कृष्णा तुलसी (Shyama Tulsi)। क्या आप इन दोनों में फर्क जानते हैं और क्या आपको पता है कि इन दोनों में से सेहत के लिए कौन सी फायदेमंद है? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं दोनों तुलसियों में क्या अंतर है...

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दोनों में क्या फर्क है
रामा तुलसी की पत्तियां हलके हरे रंग के होते हैं। इसका उपयोग पूजा आदि में किया जाता है। वहीं श्यामा तुलसी या कृष्ण तुलसी (Black tulsi) एक ऐसी प्रजाति होती है, जिसकी पत्ती, मंजरी व शाखाएं बैंगनी-काले की रंग के दिखती हैं। दोनों ही प्रकार की तुलसी की अपनी अलग पहचान है। रामा तुलसी को घर में लगाने से घर में सुख शांति आती है। श्यामा तुलसी का प्रयोग घरों के अलावा आयुर्वेद में भी किया जाता है। 

रामा या कृष्ण तुलसी कौन सी है ज्यादा हेल्दी
एक्सपर्ट्स की मानें तो रामा और कृष्ण तुलसी दोनों तरह की तुलसी के पत्ते सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। दोनों बुखार, त्वचा रोग, पाचन, चयापचय और प्रतिरक्षा में मदद करते हैं। रामा तुलसी एक नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर है और अधिकांश लोगों में तनाव और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करती है। इसमें कैंसर रोधी गुण होते हैं और यह बेहतर स्वास्थ्य और पाचन को बढ़ावा देता है। वहीं, कृष्ण तुलसी अक्सर उन बच्चों को खिलाई जाती है जो सर्दी और खांसी की समस्या से पीड़ित हैं। यह तेज बुखार के लिए भी उपयोगी है। इसके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण हार्ट हेल्थ और डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद हैं। यह त्वचा को चमकदार बनाता है और बालों के विकास के लिए भी मददगार है। 

रामा तुलसी एक अच्छे पाचन तंत्र को बढ़ावा देती है, कृष्णा तुलसी श्वसन संबंधी परेशानी, त्वचा की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य खतरों के लिए एक कारगर इलाज है। दोनों में व्यक्तिवादी गुण हैं, और हमारे लिए दोनों ही प्राकृतिक उपचारक के रूप में काम करती हैं।

कैसे करें तुलसी का सेवन
आप रोज सुबह खाली पेट दिन में दो से तीन तुलसी के पत्तों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, इसे चाय या कड़ा में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने के साथ ही खून को भी शुद्ध करने में मदद करता है। 

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