भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की बहादुर रानी चेन्नम्मा ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लड़ा और शहीद हो गईं। उनकी इस शहादत को पूरा देश नमन करता है। रानी चेन्नम्मा ने भारतीय जनमानस को अंग्रेजों के खिलाफ करने में बड़ी भूमिका निभाई।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Fight) में कई वीरांगनाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्हीं में से एक हैं दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य की रानी अब्बक्का, जिन्होंने पुर्तगालियों के साथ युद्ध लड़ा था।
आजादी के 75 साल का जश्न (Azadi ka amrut mahotsav) भारत सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के नाम से मना रही है। इसी क्रम में एशियानेट न्यूज (Asianet News) ने भी अमृत महोत्सव यात्रा शुरू की है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Governor) ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
हमारा देश आजादी के 75 साल का जश्न मना रहा है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए न जाने कितने लोगों ने भारतीय स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था। उन्हीं में से एक थे देश के मशहूर उद्यमी जमनालाल बजाज।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का शुरूआत 1857 से मानी जाती है, जब पहली बार अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह हुआ था। लेकिन बहुत कम लोग ही यह जानते होंगे कि 1857 से 2 साल पहले भी एक विद्रोह हुआ था, जिसे संथाल विद्रोह कहा जाता है।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मातंगिनी हाजरा (Mathangini Hazra) का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। 72 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की बलि देने वाली हाजरा देश को आजाद देखना चाहती थीं।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान तीन नाम देश के हर नागरिक की जुबान पर रहता है। वे तीन नाम हैं, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू। ये तीनों प्रखर राष्ट्रवादी युवा थे जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कड़ी चुनौती पेश की थी।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई ऐसे क्रांतिकारी रहे हैं, जिन्होंने अकेले दम पर ही अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। इन्हीं क्रांतिकारियों में से एक थे वंचिनाथ अय्यर, जिनसे अंग्रेज सरकार भी खौफ खाती थी।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महाराजा बलराम वर्मा के दीवान सर सीपी रामास्वामी अय्यर ने सशस्त्र सेना का विद्रोह दबाने के लिए मार्शल ला की घोषणा की थी। आखिर कौन थे सर सीपी रामास्वामी अय्यर, आप भी जानें।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अगस्त क्रांति का आह्वान अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का बिगुल था। इस आंदोलन में अरूणा आसफ अली भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई धार दी। इस आंदोलन ने अंग्रेजों को यह एहसास दिला दिया कि भारत के लोग सिर्फ आजादी चाहते हैं।
75 moments that were pivotal during India's struggle for independence. Read stories and articles about 75 Pivotal Moments during the struggle for Independence at Asianet Hindi News.