इस बार आषाढ़ महीना 25 जून से 24 जुलाई तक रहेगा। इस महीने में 5 शुक्रवार और 5 शनिवार का योग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, ऐसा होने से खेती और इससे जुड़े कामों में नुकसान होने के योग बन रहे हैं।

उज्जैन. आषाढ़ मास के ज्यादातर दिनों में मंगल और शनि की प्रतियुति रहेगी। ये अशुभ योग है। इसके कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। आगे जानिए आषाढ़ मास से जुड़ी खास ज्योतिषीय बातें…

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मंगल-शनि की युति से होगा नुकसान
- मंगल-शनि की प्रतियुति से देश में कई जगह ज्यादा बारिश होगी। तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं।
- यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे।
- सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है।
- संक्रामक बीमारियों का प्रभाव कुछ स्थानों पर दोबारा बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए पहले से ज्यादा सावधान होकर काम करना होगा।
- सोना-चांदी और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। खाद्य सामग्री में अचानक तेजी आ सकती है।

4 ग्रह बदलेंगे राशि
- आषाढ़ महीने के दौरान सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह राशि बदलेंगे। इन 4 ग्रहों की चाल में बदलाव का असर देश-दुनिया सहित 12 राशियों पर भी होगा।
- इन ग्रहों के अलावा बृहस्पति, शनि और राहु-केतु की चाल में बदलाव नहीं होगा। गुरु कुंभ राशि में वक्री ही रहेंगे।
- शनि अपनी ही राशि यानी मकर में वक्री रहेंगे। इन दो ग्रहों की टेढ़ी चाल की वजह से कुछ लोगों को अनचाहे बदलाव का सामना करना पड़ेगा।

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