How to make soft roti: रोटी नरम और फूली बनाने के लिए आटे में कितना पानी डालें? जानें आटा गूंथने का सही तरीका, आम गलतियां और रोटी सेंकने के आसान टिप्स।

भारतीय खाने में रोटी अहम हिस्सा है। लगभग हर घर में रोटी के बिना खाना पूरा नहीं होता है, हालांकि ज्यादातर लोगों की शिकायत होती है कि उनकी रोटियां नरम और मुलायम तो होती हैं लेकिन फूलती नहीं है, इससे स्वाद नहीं आता है। अगर आप भी इसी बात से अक्सर परेशान रहती हैं तो दिक्कत तवे और आपके हाथों की नहीं बल्कि आटे में पानी की मात्रा की है। दरअसल, ज्यादा पानी आटे को गीला करता है तो कम पानी आटे को सख्त बना देता है, ऐसे में जानते हैं फूली रोटी बनाने के लिए आटा कितना गीला होनी चाहिए और सेंकने का सही तरीका क्या है।

रोटी के लिए आटा कितना गीला होना चाहिए?

  • सॉफ्ट रोटी के लिए आटा न ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही बहुत चिपचिपा। इसे इतना नरम गूंथें कि उंगली से दबाने पर आसानी से दब जाए और उसमें हल्का गड्ढा बन जाए।
  • आटा नरम हो- उंगली से दबाने पर आसानी से दबे और वापस थोड़ा उभर आए।
  • हाथों पर ज्यादा न चिपके- आटा चिकना और एकसार होना चाहिए, लेकिन उसमें बहुत ज्यादा पानी नहीं होना चाहिए।
  • आटा फटे नहीं- छोटी लोई बनाकर दबाने पर उसमें ज्यादा दरारें नहीं आनी चाहिए।
  • बेलने में आसानी हो- लोई बेलते समय किनारों से फटे नहीं और बेलन पर बार-बार चिपके भी नहीं।

आटा गूंथने के लिए कितना पानी लें?

आमतौर पर 1 कप गेहूं के आटे में लगभग आधा कप पानी से शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, आटे की किस्म और उसकी नमी के हिसाब से पानी कम या ज्यादा लग सकता है। इसके साथ ही सारा पानी एक साथ न डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर आटा गूंथें। इससे आटा जरूरत से ज्यादा गीला होने से बचेगा।

आटा गूंथने के बाद कितनी देर रखें?

आटा गूंथने के तुरंत बाद रोटी बेलने की बजाय उसे लगभग 15–20 मिनट ढककर रख दें। इससे आटे को पानी सोखने का समय मिलता है और उसमें मौजूद ग्लूटेन को आराम मिलता है। नतीजतन, आटा ज्यादा लचीला हो जाता है और रोटी बेलना आसान होता है। ध्यान रखें कि आटे को खुला न छोड़ें, वरना उसकी ऊपरी परत सूख सकती है। सूखी परत वाली लोई से रोटी के किनारे फट सकते हैं।

सॉफ्ट रोटी बनाते समय ये गलतियां न करें

  • आटा बहुत सख्त गूंथना- इससे रोटी बेलने में परेशानी होती है और सेंकने के बाद वह चबाने में सख्त लग सकती है।
  • जरूरत से ज्यादा पानी डालना- बहुत गीला आटा हाथों और बेलन पर चिपकता है। इसे ठीक करने के लिए थोड़ा-थोड़ा सूखा आटा मिलाएं।
  • आटे को आराम न देना- तुरंत बेलने पर आटा सिकुड़ सकता है और लोई संभालना मुश्किल हो सकता है।
  • बेलते समय बहुत ज्यादा सूखा आटा लगाना- इससे रोटी की सतह पर अतिरिक्त सूखा आटा जमा हो सकता है और वह तवे पर जलने लगता है।
  • रोटी को बहुत देर तक सेंकना- ज्यादा देर तक कम आंच पर सेंकने से रोटी का पानी सूख सकता है और वह सख्त हो जाती है।

रोटी कैसे सेंकें?

  1. तवा मध्यम से तेज आंच पर गर्म होना चाहिए। बहुत ठंडे तवे पर रोटी रखने से वह देर तक सिकती रहती है और सूख सकती है। बहुत ज्यादा गर्म तवे पर रोटी बाहर से जल्दी जल सकती है।
  2. लोई को हल्के हाथों से गोल बेलें। रोटी न बहुत मोटी हो और न ही इतनी पतली कि उसमें छेद हो जाएं। बीच और किनारों की मोटाई लगभग एक जैसी रखने की कोशिश करें।
  3. रोटी को गर्म तवे पर रखें। जब उसकी ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखने लगें और निचली तरफ हल्के निशान आने लगें, तब उसे पलट दें।
  4. दूसरी तरफ भी कुछ सेकंड सेंकें। अब रोटी पर हल्के भूरे धब्बे दिखने लगें, तो उसे पलटकर पहली तरफ थोड़ी देर सेंकें। इस दौरान जरूरत के हिसाब से आंच मध्यम से तेज रखें।
  5. अगर रोटी को सीधे आंच पर फुलाना चाहते हैं, तो उसे चिमटे से उठाकर आंच पर रखें और फूलने पर तुरंत उतार लें। गैस की सीधी आंच इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें। आप रोटी को तवे पर साफ कपड़े या स्पैचुला से हल्का दबाकर भी फुला सकते
  6. सिकी हुई रोटियों को साफ कपड़े में लपेटकर या ढक्कन वाले डिब्बे में रखें। इससे उनकी नमी बनी रहती है और वे जल्दी सख्त नहीं होतीं। चाहें तो थोड़ी मात्रा में घी लगा सकते हैं।

रोटी नहीं फूलती तो क्या करें?

  • अगर रोटी नहीं फूल रही है, तो इन बातों की जांच करें-
  • आटा पर्याप्त नरम और लचीला है या नहीं।
  • रोटी गोल और समान मोटाई में बेली गई है या नहीं।
  • तवा सही तापमान पर गर्म है या नहीं।
  • रोटी की दोनों सतहें सही समय पर पलटी जा रही हैं या नहीं।
  • बेलते समय रोटी में छेद या गहरी दरारें तो नहीं बन रही हैं।
  • रोटी फूलने के लिए उसके अंदर बनने वाली भाप का रोटी की परतों के बीच दबाव बनाना जरूरी है। इसलिए सही आटा, समान मोटाई और उचित तापमान तीनों मायने रखते हैं।