कोलकाता में Zomato एजेंट ने डिलीवरी में धोखाधड़ी की। उसने गेट पर खाना रखकर फोटो खींची, ऑर्डर 'डिलीवर्ड' मार्क किया और फिर पैकेट लेकर चला गया। यह पूरी घटना ग्राहक के CCTV फुटेज में कैद हो गई, जिससे इसका खुलासा हुआ।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप Zomato के नाम पर कोलकाता में हुई एक नई तरह की धोखाधड़ी का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कस्टमर को खाना देने के बजाय, एजेंट ने ऐप में 'Delivered' मार्क किया और फूड पैकेट लेकर फरार हो गया। जब कस्टमर ने अपने घर के बाहर लगे CCTV फुटेज को चेक किया, तब उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है।

'पहले रखा, फिर उठाकर ले गया'
कोलकाता के रहने वाले सुमित चक्रवर्ती नाम के कस्टमर ने CCTV फुटेज के साथ अपने इस बुरे अनुभव को शेयर किया है। घटना 20 जून की रात करीब 10:40 बजे की है। ऐप के जरिए ऑर्डर किया गया खाना डिलीवर करने के लिए एजेंट सुमित के घर के गेट पर पहुंचा। इसके बाद उसने खाना गेट के पास रखा और कस्टमर को डिलीवरी हो गई है, यह दिखाने के लिए मोबाइल से एक फोटो खींची। कई डिलीवरी ऐप्स में कंपनी को यह साबित करने के लिए फोटो अपलोड करना जरूरी होता है कि खाना सही जगह पहुंचा दिया गया है। फोटो लेने के तुरंत बाद, एजेंट ने ऐप में 'ऑर्डर डिलीवर्ड' मार्क किया और वहां रखा हुआ फूड पैकेट उठाकर अपने स्कूटर पर रखकर चला गया। सुमित चक्रवर्ती की तरफ से जारी किए गए होम सिक्योरिटी कैमरे के फुटेज, Zomato ऐप में दिए गए 'डिलीवरी प्रूफ' को पूरी तरह से झूठा साबित करते हैं।
CCTV ने खोल दी पोल
जैसे ही कस्टमर ने CCTV फुटेज के साथ इस धोखाधड़ी का खुलासा किया, इंटरनेट पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई लोग इसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दुनिया में 'धोखाधड़ी का नया तरीका' बता रहे हैं। इस तरह की धोखाधड़ी कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी की आड़ में की जा रही है, जिसमें डिलीवरी पर्सन सीधे कस्टमर से मिले बिना दरवाजे या गेट पर खाना रखकर चला जाता है। कस्टमर ने मांग की है कि उन्हें उनके पैसे वापस मिलें और डिलीवरी एजेंट के खिलाफ सही जांच की जाए। सोशल मीडिया पर यह भी मांग उठ रही है कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ऑर्डर देते समय OTP वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षा उपायों को और सख्त बनाया जाना चाहिए।
