Heart Medicine and Psoriasis: हार्ट संबंधित दवाएं त्वचा की समस्याएं जैसे सोरायसिस को ट्रिगर कर सकती हैं। जानिए हार्ट मेडिसिन और सोरायसिस का क्या है संबंध।

हार्ट संबंधित समस्याएं झेल रहे व्यक्तियों को दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इन दवाओं में बीटा ब्लॉकर्स, कैलशियम चैनल ब्लॉकर्स, एसीई इनहिबिटर्स जैसी दवाएं शामिल होती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी-कभी हार्ट संबंधी यह दवाएं व्यक्ति में स्किन कंडीशन सोरायसिस के मामले शुरू कर देती है। धीरे-धीरे त्वचा को भी नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है।इस संबंध में टाइम्स नाउ से बातचीत करते हुए डॉक्टर ने अपनी राय दी। जानिए हार्ट संबंधी दवाओं और सोरायसिस का क्या संबंध है।

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हार्ट मेडिसिंस सोरायसिस को करती हैं ट्रिगर

 अगर कोई व्यक्ति हार्ट संबंधी दवाएं ले रहा है तो उसे त्वचा में खुजली के साथ लाल धब्बे भी दिखाई पड़ सकते हैं। बंगलौर स्थित डॉक्टर राधिका स्किन एंड लेजर क्लिनिक की कंसलटेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ राधिका वेमना टाइम्स नाउ को बताती हैं कि हार्ट संबंधी समस्याओं में दी जाने वाले कुछ मेडिसिंस सोरायसिस को ट्रिगर कर सकती हैं या फिर यह मौजूदा मामले और अधिक गंभीर बना सकती हैं। यानी अगर किसी व्यक्ति को पहले से ही सोरायसिस की समस्या है और फिर वह हार्ट मेडिसिन लेना शुरू करता है तो उसके लक्षण और बढ़ सकते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि हर दवा लेने वाले व्यक्ति को खुजली की समस्या होगी। कुछ लोगों में तो हार्ट संबंधी दवा खाने के हफ्ते बाद ही स्किन संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती है।

इम्यून सिस्टम पर दवाएं का प्रभाव

हार्ट मेडिसिन व्यक्ति के इम्यून सिस्टम पर असर करती है। दवा को सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली में स्किन सेल्स पर अटैक करती है जिसके कारण स्किन सेल्स में सूजन पैदा होती है और सोरायसिस जैसे रिएक्शन देखने को मिलते हैं। इस कारण से व्यक्ति की त्वचा में सूजन दिखती है और पापड़ीदार धब्बे बनने लगते हैं।

क्या हर हार्ट पेशेंट को हो जाती है स्किन प्रॉब्लम?

 यह जरूरी नहीं है कि हार्ट मेडिसिन लेने के तुरंत बाद ही स्किन समस्या शुरू हो जाए। इसे शुरू होने में हफ्ते, महीने या सालों तक भी लग सकते हैं। हार्ट मेडिसिन का सेवन करने से प्लाक सोरायसिस अधिक होने की संभावना होती है, जिसमें त्वचा में पपड़ीदार लाल धब्बे बन जाते हैं। खोपड़ी या गर्दन के आसपास के हिस्सों, कोहनी आदि धब्बे दिखाई देते हैं। अगर किसी व्यक्ति को दवा का सेवन करने के बाद ऐसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपकी मेडिसिंस बदल सकते हैं जिससे कि सोरायसिस के लक्षणों से राहत मिलेगी।