Robotic surgery: कैंसर का इलाज बदल रहा है। छोटे चीरे, कम ब्लड लॉस, तेज रिकवरी और कम संक्रमण जोखिम से पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। मरीज कम समय में स्वस्थ हो सकते हैं।

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रोबोटिक सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी जैसे एडवांस तकनीक की वजह से अब 80% शुरुआती कैंसर पूरी तरह ठीक होना मुमकिन है।

Cancer Robotic Surgery Advantage: दुनियाभर में कैंसर विकट चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। हर साल लाखों लोग कैंसर से पीड़ित होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर साल 10 मिलियन लोग कैंसर से जान गवां रहे हैं। सहीं समय पर कैंसर डायग्नोज हो जाए, तो कैंसर के आधुनिक ट्रीटमेंट की मदद से पेशेंट को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। ऑन्कोलॉजी में रोबोटिक सर्जरी गेमचेंजर साबित हो रही है। रोबोटिक सर्जरी कई मायनों में पारंपरिक सर्जरी से बेहतर है। डॉक्टर महेश बंदेमेगल ने ऑन्कोलॉजी चिकित्सा में रोबोटिक सर्जरी के फायदों के बारे में बताया है।

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रोबोटिक सर्जरी में क्यों नहीं पड़ती बड़े चीरे की जरूरत?

कैंसर ट्रीटमेंट में पारंपरिक सर्जरी की मदद से अब तक ट्रीटमेंट किया जाता था। पारंपरिक सर्जरी में बड़ा चीरा लगाने की जरूरत पड़ती थी और मरीज को रीकवर होने में अधिक समय लगता था। वहीं अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी में शरीर में छोटा चीरा लगाकर रोबोटिक उपकरण और कैमरे की मदद से सर्जरी की जाती है। इससे न सिर्फ सर्जन को बहुत मदद मिलती है बल्कि मरीजों को भी बहुत फायदा पहुंचता है।

सर्जरी के दौरान 3 D मैग्नीफाइड इमेजिंग 

पेल्विक, थोरॉक्स, सिर, गर्दन आदि सर्जरी के दौरान अधिक सावधानी की जरूरत पड़ती है। रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर कलाइयों की मदद से आसानी से हैंड मूवमेंट कर पाते हैं। साथ ही नाजुक मूवमेंट के दौरान कलाइयों में बेहतरीन नियंत्रण भी मिलता है। 3 D मैग्नीफाइड इमेजिंग की मदद से सर्जरी के दौरान साफ दृश्य देखने को मिलते हैं, जो सर्जरी को सुविधाजनक बनाते हैं।

रोबोटिक सर्जरी से संक्रमण की संभावना कम रहती है?

रोबोटिक सर्जरी से संक्रमण की संभावना पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले कम रहती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैंसर रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे कि शरीर के ऊतक बाहरी वातावरण से ज्यादा संपर्क में नहीं आ पाते। व्यक्ति के घाव भी जल्दी भर जाते हैं और रिकवरी में ज्यादा समय नहीं लगता।

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रोबोटिक सर्जरी से दुष्प्रभाव हुए हैं कम

कैंसर के पारंपरिक सर्जरी के बाद मरीजों को कई प्रकार के साइड इफेक्ट्स होते थे, जिसके कारण सही से बोल न पाना, यूरिन पास न होना आदि समस्याएं होती थी। वहीं, रोबोटिक सर्जरी की मदद से जटिलताओं को कम करने में मदद मिली है। साथ ही बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रोस्टेट, सिर, गर्दन आदि की कैंसर सर्जरी के बाद मरीज यूरिन पास करने से लेकर बेहतर तरीके से बोलने में सक्षम हैं।

सर्जरी में नहीं होता ज्यादा ब्लड लॉस

प्रोस्टेट कैंसर रोबोटिक सर्जरी के बाद यौन कार्य के लिए जिम्मेदार न्यूरल स्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचता है। रोबोटिक सर्जरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस नहीं होता है। यहीं कारण है कि व्यक्ति कम समय में ही खुद को स्वस्थ्य महसूस करने लगता है। कैंसर ट्रीटमेंट में रोबोटिक सर्जरी की जाएगी या नहीं, ये डॉक्टर से पूछा जा सकता है। 

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